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नई दिल्ली, 19 अक्टूबर । दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने सोमवार को अभियोजन निदेशालय के कामकाज की समीक्षा की। उन्होंने कम सजा दर, मामलों के बढ़ते लंबित होने और निपटान में देरी पर चिंता व्यक्त करते हुए कई निर्देश दिए। यह जानकारी सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर साझा की गई है।
उपराज्यपाल ने मजबूत निगरानी, केस ट्रैकिंग में सुधार, फाइल आवंटन को सुव्यवस्थित करना और ट्रायल में देरी की पहचान करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने समय पर न्याय, बीएनएसएस की समय-सीमा को लागू करना, जांच अधिकारियों को जांच की गुणवत्ता एवं साक्ष्य संग्रह के लिए जवाबदेह ठहराने, बरी होने के मामलों का विश्लेषण, चूकों की पहचान और हर स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित करने निर्देश दिए हैं।
उपराज्यपाल ने एजेंसियों के बीच समन्वय, अभियोजकों, दिल्ली पुलिस और एफएसएल के बीच दैनिक समन्वय को मजबूत करने को कहा है। उन्होंने चार्जशीट की प्री-ट्रायल जांच को मजबूत करना, स्थगन को कम करना और गवाहों की समय पर पेशी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
उपराज्यपाल ने कहा कि न्याय में हर टाली जा सकने वाली देरी और चूक को दूर किया जाना चाहिए। सभी संबंधित एजेंसियों को अभियोजन को मजबूत करने और न्याय की अधिक प्रभावी डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए तत्परता, समन्वय और जवाबदेही के साथ कार्य करने का निर्देश दिया।