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नई दिल्ली, 02 अक्टूबर । आम आदमी पार्टी (आआपा) ने शुक्रवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया। पार्टी ने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज, विधायक संजीव झा समेत कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया।
आआपा के मुताबिक, प्रदर्शन में बड़ी संख्या में युवा, महिलाएं और जेन-जी कार्यकर्ता शामिल हुए। पार्टी का आरोप है कि उसने करीब छह दिन पहले शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए अनुमति मांगी थी, लेकिन प्रदर्शन के दिन पुलिस ने अनुमति नहीं होने की बात कही।
पार्टी ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकार है। आआपा का आरोप है कि पुलिस ने उसके नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर उनकी आवाज दबाने की कोशिश की।
आम आदमी पार्टी की ओर से सोशल मीडिया पर जारी संदेश में कहा गया कि नेताओं और कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी से जनता के सवाल दबाए नहीं जा सकते और आंदोलन जारी रहेगा। आआपा ने अपने समर्थकों से जंतर-मंतर पहुंचकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की।
प्रदर्शन के दौरान सौरभ भारद्वाज ने कहा कि वह बिना कार, स्कूटर या किसी अन्य वाहन के अपने घर से जंतर-मंतर पहुंचे। उन्होंने दावा किया कि आसपास के कुछ मेट्रो स्टेशन बंद हैं, लेकिन खुले स्टेशनों से उतरकर पैदल जंतर-मंतर पहुंचा जा सकता है।
भारद्वाज ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि दोपहर तक बड़ी संख्या में जेन-जी युवा, बुजुर्ग और महिलाएं प्रदर्शन में शामिल होंगे। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए इसे लेकर गंभीर आरोप लगाए।
उन्होंने कहा कि विरोध करना नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है। भारद्वाज ने यह भी सवाल उठाया कि सरकार अपने खिलाफ होने वाले प्रदर्शन की अनुमति क्यों देगी। उन्होंने दावा किया कि जंतर-मंतर प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थान है और वहां प्रदर्शन करने के लिए अलग से अनुमति की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए।