गर्मियों का मौसम आते ही बाजार में आम की बहार छा जाती है. अल्फांसो से लेकर तक, फलों का राजा हर किसी की पहली पसंद बन जाता है. लेकिन, क्या आप जानते हैं कि आम को सीधे खाने के बजाय पहले 30 मिनट पानी में भिगोना क्यों जरूरी माना जाता है? यह सिर्फ दादी-नानी का घरेलू नुस्खा नहीं, बल्कि इसके पीछे मजबूत वैज्ञानिक कारण भी हैं.
गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट के अनुसार, आम को पानी में भिगोने से न सिर्फ उसकी न्यूट्रिशनल पावर बढ़ती है, बल्कि यह पाचन तंत्र के लिए भी अच्छा होता है. अगर आप आम खाने के बाद होने वाली गैस, एसिडिटी या स्किन प्रॉब्लम से बचना चाहते हैं, तो यह आदत आपके लिए गेम-चेंजर साबित हो सकती है.
आम में एक तत्व होता है जिसे फ्यटिक एसिड कहा जाता है. यह एक तरह का एंटी-न्यूट्रिएंट है, जो शरीर में आयरन, जिंक और कैल्शियम जैसे जरूरी मिनरल्स के एब्जॉर्ब्शन को रोक सकता है.
जब हम आम को बिना भिगोए खाते हैं, तो यह फ्यटिक एसिड इन मिनरल्स से चिपक जाता है और शरीर इन्हें पूरी तरह इस्तेमाल नहीं कर पाता. लेकिन, जब आम को करीब 30 मिनट पानी में भिगोया जाता है, तो यह एसिड धीरे-धीरे कम हो जाता है. इससे शरीर को आम के सारे पोषक तत्व बेहतर तरीके से मिल पाते हैं और यह फल सच में न्यूट्रिशन का पावरहाउस बन जाता है.
इस आदत को लेकर डॉक्टर भी सहमत हैं. मशहूर गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट और यूनिवर्सिटी ऑफ कैनसस स्कूल ऑफ मेडिसिन में मेडिसिन के प्रोफ़ेसर, डॉ. प्रतीक शर्मा बताते हैं, "आम में फ़ाइटिक एसिड होता है, जो आयरन, ज़िंक और कैल्शियम जैसे जरूरी मिनरल्स के शरीर में सोखे जाने में रुकावट डाल सकता है.
आम को लगभग 30 मिनट से एक घंटे तक पानी में भिगोकर रखने से इस एंटी-न्यूट्रिएंट को कम करने में मदद मिलती है, जिससे यह फल ज्यादा पौष्टिक हो जाता है और हमारे पाचन तंत्र के लिए इसे पचाना भी आसान हो जाता है.
आम में नेचुरल शुगर ज्यादा होती है, जिससे शरीर में हीट प्रोडक्शन बढ़ सकता है. यही वजह है कि ज्यादा आम खाने पर कई लोगों को मुंह में छाले, पिंपल या एसिडिटी की समस्या हो जाती है.
आम को पानी में भिगोने से उसकी एक्स्ट्रा गर्मी कम हो जाती है. इससे यह शरीर के लिए ज्यादा कूलिंग और पाचन के लिए आसान बन जाता है. खासकर जिन लोगों को पहले से गैस या एसिडिटी की समस्या रहती है, उनके लिए यह आदत बहुत फायदेमंद है.
आजकल बाजार में मिलने वाले आम पर अक्सर कीटनाशक, फंगीसाइड और आर्टिफिशियल रिपनिंग केमिकल्स लगे होते हैं. कई बार इन्हें चमकाने के लिए वैक्स की लेयर भी लगाई जाती है. सिर्फ पानी से धोने से ये पूरी तरह साफ नहीं होते. लेकिन, जब आप आम को 30 मिनट तक पानी में भिगोते हैं, तो ये केमिकल्स धीरे-धीरे हट जाते हैं.
इसके अलावा, आम के डंठल के पास मौजूद लेटेक्स भी निकल जाता है, जो कई बार एलर्जी, खुजली या मुंह के आसपास जलन का कारण बन सकता है.
भिगोने का फायदा सिर्फ हेल्थ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आम के स्वाद को भी बेहतर बनाता है. जब आम को पानी में रखा जाता है, तो यह हल्का हाइड्रेट हो जाता है. इससे उसका गूदा ज्यादा जूसी और फ्रेश लगता है. आम छीलना भी आसान हो जाता है और खाने का अनुभव और भी मजेदार बन जाता है.
आम खाने से पहले 30 मिनट पानी में भिगोना एक छोटी सी आदत है, लेकिन इसके फायदे बड़े हैं. यह न सिर्फ शरीर को जरूरी पोषण बेहतर तरीके से देता है, बल्कि पाचन, स्किन और ओवरऑल हेल्थ को भी सेफ रखता है. अगर आप भी आम का पूरा मजा बिना किसी साइड इफेक्ट के लेना चाहते हैं, तो अगली बार खाने से पहले उसे थोड़ी देर पानी में जरूर भिगोएं.