गरियाबंद 03 अक्टूबर: झाखरपारा सहकारी समिति धान खरीदी में गड़बड़ी को लेकर हमेशा से सुर्खियों में रहा है। अब यहां खाद वितरण में भी अनियमितता का मामला सामने आया है। मिली जानकारी के मुताबिक खाद वितरण की प्रकिया खत्म होने के बाद सहकारिता सुपरवाइजर जब 2 सितंबर को स्टॉक वेरिफिकेशन के लिए पहुंचे तो 10.38 लाख का खाद शॉर्टेज दिखा। यानी आबंटित खाद न तो वितरण रिकॉर्ड में नजर आया न गोदाम में मौजूद थे। ऐसे में प्रबंधक नयनसिंह ठाकुर ने खाद बीज वितरण प्रभारी अभय नागेश को कारण बताओ नोटिस थमाने के अलावा उच्च अधिकारियों को अवगत कराया। प्रकिया की समाप्ति कर अंतिम समायोजन रिपोर्ट 30 सितंबर तक सौंपना था। अभय नागेश ने अंतिम तिथि में जो रिपोर्ट सौंपा है उसमें 5 लाख के खाद की कमी अब भी बना हुआ है।
2 सितंबर के बाद से 30 सितंबर तक झाखरपारा खाद गोदाम में ज्यादातर समय ताला लटकाकर कर्मचारी घर और ऑफिस से नदारद रहता है। बताया गया कि अभय नागेश जांच का भी सामना नहीं कर रहा, ना ही गोदाम निरीक्षण के लिए बुलाए जाने पर आ रहा है। ऐसे में अंतर की मात्रा को समायोजन के आड़ में लीपापोती करने प्रभारी और उनके स्थानीय आकाओं द्वारा जोड़ तोड़ किया जा रहा है। बता दें कि पिछले सत्र के धान खरीदी में शुरुआती जांच में इसी झाखरपारा समिति में 2400 क्विंटल यानी 57 लाख के धान का शॉर्टेज पाया गया था। जितनी मात्रा में खरीदी रिकार्ड में बोरिया दर्ज थे, मौके पर उतनी मात्रा धान बोरा मौजूद नहीं था। मामले में भी लीपापोती के लिए पर्याप्त समय दिया गया। अंत में तत्कालीन खरीदी प्रभारी चंदन राजपुर पर 20 लाख रुपए के धान की गड़बड़ी के आरोप सिद्ध कर उसे बलि का बकरा बना दिया गया, जबकि मामले में अन्य बड़े जिम्मेदारों को छोड़ दिया गया।जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सुखचंद बेसरा द्वारा लगातार मामले की निष्पक्ष जांच के लिए मांग किया जाता रहा पर प्रशासन ने चुप्पी साध ली।
दो साल पहले दीवान मुड़ा धान खरीदी केंद्र में तात्कालीन प्रभारी प्रबंधक नीलाम्बर बीसी का धान खरीदी के एवज में किसानों से रिश्वत लेने का वीडियो वायरल हुआ था। सहकारिता विभाग ने जांच कर आरोप सही पाया, खरीदी केंद्र में भी भारी गड़बड़ी पाई गई, जिसके चलते नीलांबर को पहले निलंबित किया फिर टर्मिनेट किया गया, लेकिन निचले दरवाजे से सब कुछ सेटल कर अब की बार उसे झाखरपारा केंद्र का प्रभारी प्रबंधक बनाया गया। खरीदी केंद्र जैसे संवेदनशील संस्था में दागी कर्मी को बगैर किसी नियुक्ति आदेश के बीते खरीदी सीजनभर झाझरपारा का कमान दिया गया था, बाद में प्रभारी के लिए लिखित आदेश जारी कर दिया गया।
30 सितंबर को झाखरपारा समिति पदाधिकारी और शेयर होल्डर की वार्षिक सम्मेलन आहूत किया गया था, जिसमें दागी कर्मी की नियुक्ति का जोरदार विरोध किया गया। बार-बार समति में उभर कर आ रहे अनियमिताओं का भी विषय रखा गया।गड़बड़ी पर पर्दा डालने वाले एक समूह इस बार भी सारी गलतियों पर पर्दा डालते दिखे तो वार्षिक बैठक स्थगित कर दिया गया। नाराज किसान और किसान प्रतिनिधियों ने किसान हित के समिति में हो रही मनमानी की निष्पक्ष जांच की मांग उठा दिया। हंगामे को देखते हुए दो घंटे के भीतर ही बैठक को स्थगित करना पड़ गया। अब कहा जा रहा है कि प्रमुख लोगों को दागी कर्मी द्वारा मांमनवाल किया जा रहा है, ताकिे समिति प्रस्ताव में भी दागी कर्मी की नियुक्ति पर मुहर लग जाए। इस मामले में नयन सिंह ठाकुर, प्रबंधक देवभोग जिला सहकारी बैंक ने कहा, खाद में कमी पाई गई है। उच्च अधिकारी को मामले से अवगत कराया गया है। समायोजन के रिकॉर्ड का मिलान किया जाएगा, फिर परिणाम के आधार पर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।