VIHAAN चिप ने हासिल की फर्स्ट-पास सिलिकॉन सफलता

Posted on: 2026-08-16


इलेक्ट्रॉनिक्स और IT मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि डिज़ाइन लिंक्ड इंसेंटिव (DLI) स्कीम के तहत सपोर्टेड एक भारतीय सेमीकंडक्टर स्टार्टअप ने 'VIHAAN' के साथ 'फर्स्ट-पास सिलिकॉन सक्सेस' हासिल की है। VIHAAN एक स्वदेशी ब्रॉडबैंड नेटवर्किंग सिस्टम-ऑन-चिप (SoC) है जिसे VEGA माइक्रोप्रोसेसर का इस्तेमाल करके बनाया गया है। यह चिप को प्रोडक्शन में ले जाने की दिशा में एक अहम कदम है। चेन्नई स्थित फैबलेस सेमीकंडक्टर स्टार्टअप, अहीसा डिजिटल इनोवेशन ने गणतंत्र दिवस पर

'टेप-आउट' किया और इस साल स्वतंत्रता दिवस पर 'फर्स्ट-पास सिलिकॉन सक्सेस' हासिल की। ​​मंत्रालय ने एक रिलीज़ में कहा कि फाइबर ब्रॉडबैंड एप्लीकेशन के लिए डिज़ाइन की गई यह चिप अब प्रोडक्शन टेप-आउट की ओर बढ़ेगी, जिसका लक्ष्य 2027 रखा गया है। यह डेवलपमेंट ऐसे समय में हुआ है जब भारत का सेमीकंडक्टर डिज़ाइन इकोसिस्टम बढ़ रहा है। सरकार का कहना है कि DLI स्कीम के तहत सपोर्टेड कंपनियों ने अलग-अलग फाउंड्री में कुल मिलाकर 30 से ज़्यादा चिप डिज़ाइन टेप-आउट हासिल किए हैं और वेंचर कैपिटल फंडिंग के ज़रिए 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर से ज़्यादा जुटाए हैं। अहीसा ने इस साल की शुरुआत में तमिलनाडु इंफ्रास्ट्रक्चर फंड मैनेजमेंट कॉरपोरेशन (TNIFMC) से तमिलनाडु इमर्जिंग सेक्टर सीड फंड (TNESSF) और अन्य प्राइवेट निवेशकों के ज़रिए लगभग 40 करोड़ रुपये जुटाए थे। मंत्रालय के अनुसार, इस फंडिंग का मकसद प्रोडक्ट डेवलपमेंट में तेज़ी लाना और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में कंपनी की ग्रोथ को सपोर्ट करना है।


मंत्रालय ने कहा कि सरकारी सेमीकंडक्टर प्रोग्राम के ज़रिए 455 संगठनों को चिप-डिज़ाइन टूल भी उपलब्ध कराए गए हैं, जिनमें 350 एकेडमिक संस्थान और 105 स्टार्टअप शामिल हैं। 'चिप्स टू स्टार्टअप' (C2S) प्रोग्राम के तहत, भविष्य की वर्कफोर्स ज़रूरतों को पूरा करने के मकसद से 71 एकेडमिक संस्थानों द्वारा 245 चिप डिज़ाइन टेप-आउट किए गए हैं। मंत्रालय ने इस स्कीम के तहत हाल की कुछ और उपलब्धियों का ज़िक्र किया, जिनमें Vervesemi Microelectronics के ब्रशलेस डायरेक्ट करंट (BLDC) मोटर कंट्रोलर की 'फर्स्ट-पास सिलिकॉन सफलता' और Netrasemi के 12nm विज़न SoC की सफल टेस्टिंग शामिल है। सरकार ने कहा कि सेमीकंडक्टर से जुड़ी इन पहलों का मकसद एक ऐसा इकोसिस्टम बनाना है जिसमें चिप डिज़ाइन, मैन्युफैक्चरिंग, एडवांस्ड पैकेजिंग, इक्विपमेंट, मटीरियल, रिसर्च एंड डेवलपमेंट और कुशल मैनपावर शामिल हों।