भारत सरकार ने 6जी तकनीक के विकास और वैश्विक नेतृत्व के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति करते हुए भारत 6जी गठबंधन (बी6जीए) को मजबूत बनाया है। सरकार ने 6जी सेवाओं के लिए स्पेक्ट्रम रोडमैप भी जारी किया है, जबकि अनुसंधान, मानकीकरण और टेस्टबेड विकास के लिए कई पहलें शुरू की गई हैं। यह जानकारी केंद्रीय संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. चंद्र शेखर पेम्मासानी ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी।
90 सदस्यीय बना भारत 6जी गठबंधन
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि 15 जुलाई 2026 तक भारत 6जी गठबंधन (बी6जीए) में 90 सदस्य शामिल हो चुके हैं। यह उद्योग और अकादमिक क्षेत्र द्वारा संचालित मंच है, जिसमें दूरसंचार सेवा प्रदाता, उपकरण निर्माता, स्टार्टअप, अनुसंधान एवं विकास संस्थान, शैक्षणिक संस्थान और दूरसंचार क्षेत्र के अन्य हितधारक शामिल हैं।
सात कार्य-समूह कर रहे हैं काम
भारत 6जी गठबंधन ने 6जी तकनीक, स्पेक्ट्रम, एप्लिकेशन एवं उपयोग, राजस्व मॉडल, उपकरण एवं कलपुर्जे, हरित एवं स्थायित्व पहल और आउटरीच जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर कार्य करने के लिए सात कार्य-समूह गठित किए हैं। गठबंधन का उद्देश्य उद्योग, अकादमिक जगत और स्टार्टअप के बीच सहयोग बढ़ाना, घरेलू अनुसंधान एवं नवाचार को प्रोत्साहित करना तथा भारत के 6जी विजन के अनुरूप उन्नत अनुसंधान और टेस्टबेड विकसित करना है।
6जी के लिए स्पेक्ट्रम रोडमैप जारी
स्पेक्ट्रम कार्य-समूह ने ‘भारत में 6जी के लिए स्पेक्ट्रम रोडमैप’ रिपोर्ट तैयार की है। इसके आधार पर दूरसंचार विभाग ने विभिन्न हितधारकों से परामर्श के बाद 6जी सेवाओं के लिए आधिकारिक स्पेक्ट्रम रोडमैप जारी किया है।
कोलकाता में बनेगा 6जी टेराहर्ट्ज टेस्टबेड
डिजिटल भारत निधि के अंतर्गत दूरसंचार प्रौद्योगिकी विकास कोष से तीन वर्ष की परियोजना को मंजूरी दी गई है। इसके तहत कोलकाता स्थित सोसायटी फॉर अप्लाइड माइक्रोवेव इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग एंड रिसर्च (समीर) में 6जी टेराहर्ट्ज टेस्टबेड स्थापित किया जाएगा। इस परियोजना में आईआईटी मद्रास, आईआईटी गुवाहाटी और आईआईटी पटना भी भागीदार हैं। परियोजना के तहत इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2025 में हाई डेटा रेट लाइन-ऑफ-साइट लिंक का सफल प्रदर्शन किया जा चुका है।
अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की सक्रिय भागीदारी
सरकार ने बताया कि भारत ने अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ (आईटीयू) के आईएमटी-2030 फ्रेमवर्क में 6जी के लिए ‘सर्वव्यापी कनेक्टिविटी’ सहित कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। साथ ही 3जीपीपी, आईटीयू और वनएम2एम जैसे वैश्विक मानकीकरण मंचों पर भारतीय भागीदारी को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
स्टार्टअप और एमएसएमई को मिलेगा समर्थन
दूरसंचार विभाग की प्रौद्योगिकी विकास एवं निवेश संवर्धन (टीडीआईपी) योजना के तहत स्टार्टअप और एमएसएमई को सदस्यता शुल्क, अंतरराष्ट्रीय मानकीकरण बैठकों में भागीदारी, भारत में ऐसी बैठकों के आयोजन, दूरसंचार उत्पादों के पायलट परीक्षण तथा मान्यता जैसी गतिविधियों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है।