महापौर ने जलभराव प्रभावित इलाकों का किया दौरा, मौके पर कराई पानी की निकासी

Posted on: 2026-07-06


कोरबा, 06 जुलाई । शहर में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच जलभराव की समस्या से जूझ रहे इलाकों का महापौर संजू देवी राजपूत ने सोमवार को मैराथन दौरा किया। उन्होंने नगर निगम अधिकारियों और संबंधित वार्ड पार्षदों के साथ कोरबा, टीपी नगर, कोसाबाड़ी, रविशंकर नगर, बालको और दर्री जोन के विभिन्न वार्डों एवं बस्तियों का निरीक्षण कर हालात का जायजा लिया।

इस दौरान जहां-जहां जलभराव की स्थिति मिली, वहां तत्काल पानी निकासी के निर्देश दिए गए और कई स्थानों पर मौके पर ही मशीनें व संसाधन लगाकर जल निकासी का कार्य शुरू कराया गया।

रविवार से लगातार हो रही बारिश के कारण शहर के कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। इसे देखते हुए महापौर सुबह से ही विभिन्न क्षेत्रों का दौरा करती रहीं और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बारिश के दौरान किसी भी क्षेत्र में पानी जमा होने की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई की जाए, ताकि नागरिकों को परेशानी का सामना न करना पड़े।

निरीक्षण के दौरान महापौर ने अधिकारियों से कहा कि नगर निगम की टीमें सभी वार्डों और बस्तियों में लगातार सक्रिय रहें तथा जलभराव की स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए रखें। उन्होंने निर्देश दिए कि जहां भी पानी भरने की समस्या सामने आए, वहां युद्धस्तर पर जल निकासी कराई जाए और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त पंप, मशीनरी व संसाधनों का उपयोग किया जाए।

महापौर ने यह भी कहा कि बारिश के मौसम में लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसलिए नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी फील्ड में रहकर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें, ताकि जलभराव के कारण आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

नगर निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय के मार्गदर्शन में निगम की जोनवार टीमें भी लगातार विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण कर रही हैं। प्रभावित इलाकों में पंपों के माध्यम से पानी निकाला जा रहा है और आवश्यक राहत कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। निगम प्रशासन ने सभी जोनों में कर्मचारियों को अलर्ट मोड पर रखा है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तत्काल निपटा जा सके।

नगर निगम प्रशासन ने शहरवासियों से अपील की है कि वे जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचें। यदि किसी क्षेत्र में जलभराव या अन्य आपात स्थिति उत्पन्न होती है तो उसकी जानकारी तत्काल नगर निगम को दें, जिससे समय रहते जल निकासी और राहत कार्य शुरू किया जा सके।