दिल्ली 01 जून : सेंट्रल दिल्ली के ITO इलाके में सोमवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (SPA) कैंपस में स्थित मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन के ऑफिस की दूसरी मंजिल पर आग लग गई। घटना के बाद मौके पर तुरंत फायर सर्विस को सूचना दी गई और दमकल विभाग ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। दिल्ली फायर सर्विस के अनुसार, आग लगने की सूचना सुबह करीब 9:37 बजे मिली। सूचना मिलते ही विभाग ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आठ फायर टेंडर घटनास्थल पर भेजे। दमकलकर्मी मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाने की कोशिश में जुट गए।
आग किस कारण लगी, इसका पता अभी तक नहीं चल सका है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, आग दूसरी मंजिल पर स्थित कार्यालय क्षेत्र में लगी, जिससे वहां मौजूद दस्तावेजों और फर्नीचर को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, राहत की बात यह है कि घटना में किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं मिली है। दमकल कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर आग को फैलने से रोकने के लिए तुरंत कार्रवाई शुरू की। इमारत के आसपास सुरक्षा घेरा बना दिया गया है और लोगों की आवाजाही को नियंत्रित किया गया है, ताकि राहत कार्य में किसी तरह की बाधा न आए। आईटीओ इलाके में स्थित यह प्रशासनिक और शैक्षणिक परिसर शहर के व्यस्त क्षेत्रों में से एक माना जाता है, जहां कई सरकारी और शैक्षणिक संस्थानों की गतिविधियां चलती रहती हैं। ऐसे में आग लगने की घटना के बाद आसपास के क्षेत्र में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
फायर विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आग पर काबू पाने के प्रयास लगातार जारी हैं और पूरी तरह नियंत्रण में आने के बाद ही नुकसान का सही आकलन किया जा सकेगा। मौके पर अतिरिक्त टीमों को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत सहायता दी जा सके। स्थानीय प्रशासन ने भी स्थिति पर नजर बनाए रखी है और सुरक्षा के मद्देनजर आसपास के क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। इमारत के अंदर मौजूद कर्मचारियों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। तकनीकी टीम द्वारा यह भी देखा जाएगा कि कहीं शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य तकनीकी खराबी की वजह से यह घटना तो नहीं हुई। कुल मिलाकर, इस घटना ने दिल्ली के एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक परिसर में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, हालांकि दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई से स्थिति को और गंभीर होने से रोक लिया गया है।