Posted on:
नई दिल्ली, 20 मई । भारतीय राष्ट्रीय छात्र संघ (एनएसयूआई) ने बुधवार को राष्ट्रीय प्रवेश सह पात्रता परीक्षा (एनईईटी) पेपर लीक विवाद और परीक्षा में अनियमितताओं के खिलाफ ओखला में राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी के कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। विरोध प्रदर्शन के दौरान एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने विरोध और शोक के रूप में अपना सिर मुंडवा लिया।
एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह विरोध प्रदर्शन परीक्षा प्रणाली की विफलता और देश भर के लाखों छात्रों के लिए निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा सुनिश्चित करने में सरकार की अक्षमता को उजागर करने के लिए आयोजित किया गया।
एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने कहा कि यह केवल बालों का बलिदान नहीं है, बल्कि उन लाखों छात्रों के दर्द, गुस्से और हताशा का प्रतीक है, जिनका भविष्य परीक्षा प्रणाली में भ्रष्टाचार और अक्षमता के कारण नष्ट हो रहा है। बार-बार पेपर लीक ने छात्रों और अभिभावकों के विश्वास को पूरी तरह से तोड़ दिया है।
उन्होंने कहा कि एनईईटी पेपर लीक से लेकर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की ओएसएम प्रणाली और जबरन तीन-भाषा नीति के विवादों तक, शिक्षा मंत्रालय ने लगातार छात्रों को विफल किया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए और तुरंत इस्तीफा देना चाहिए। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी ने सभी विश्वसनीयता खो दी है और इसे भंग कर दिया जाना चाहिए।
विनोद जाखड़ ने बताया कि एनएसयूआई ने मांग की है कि नीट पेपर लीक की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल इस्तीफा, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) का विघटन और देश भर में छात्रों को प्रभावित करने वाली बार-बार परीक्षा में विफलता के लिए जवाबदेही।