Hyderabad: राम चरण स्टारर पेड्डी 4 जून को रिलीज़ होने से पहले ही इंडस्ट्री के एक बड़े विवाद में फंस गई है। रेंटल और परसेंटेज सिस्टम को लेकर प्रोड्यूसर और एग्ज़िबिटर के बीच जो असहमति शुरू हुई थी, वह अब टॉलीवुड की सबसे बड़ी बहसों में से एक बन गई है।
तेलंगाना भर के सिंगल-स्क्रीन थिएटर मालिकों ने खुले तौर पर ऐलान किया है कि अगर उनकी मांगों को नज़रअंदाज़ किया गया तो वे फिल्म नहीं दिखाएंगे। यह मामला अब हैदराबाद के कुछ थिएटर तक ही सीमित नहीं है। एग्ज़िबिटर का कहना है कि निज़ाम इलाके के कई सिंगल स्क्रीन वाले विरोध का समर्थन करने के लिए तैयार हैं।
रेंटल बनाम परसेंटेज सिस्टम का मुद्दा क्या है? मुख्य लड़ाई इस बात पर है कि थिएटर का रेवेन्यू कैसे बांटा जाए। अभी, कई सिंगल-स्क्रीन थिएटर फिक्स्ड रेंटल मॉडल पर चलते हैं। एग्ज़िबिटर का कहना है कि महामारी और बढ़ते मेंटेनेंस खर्च के बाद यह सिस्टम उन्हें बहुत नुकसान पहुंचा रहा है।
थिएटर मालिक एक परसेंटेज-शेयरिंग मॉडल की मांग कर रहे हैं, जिसमें उन्हें मल्टीप्लेक्स चेन की तरह टिकट कलेक्शन से हिस्सा मिले। हालांकि, प्रोड्यूसर का मानना है कि सिस्टम में अचानक बदलाव से फिल्म बिज़नेस और रिकवरी पर असर पड़ेगा।
यह असहमति अब पर्सनल हो गई है, और हाल ही में प्रेस मीट के दौरान दोनों पक्षों ने तीखी बातें की हैं। निज़ाम इलाके में पेड्डी के लिए बड़ा रिस्क निज़ाम मार्केट तेलुगु सिनेमा के लिए सबसे ज़रूरी इलाकों में से एक है। रिपोर्ट्स बताती हैं कि पेड्डी के डिस्ट्रीब्यूशन राइट्स में बहुत पैसा लगा है,
खासकर निज़ाम इलाके के लिए। अगर सिंगल-स्क्रीन थिएटर फिल्म दिखाने से मना करते हैं, तो इससे बड़े सेंटर्स और छोटे शहरों में ओपनिंग कलेक्शन पर असर पड़ सकता है। इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि यह फिल्म थिएटर्स और डिस्ट्रीब्यूटर्स के लिए बहुत ज़रूरी है, खासकर जनवरी से बॉक्स ऑफिस पर खराब प्रदर्शन के बाद।