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नई दिल्ली, 04 मई । दिल्ली उच्च न्यायालय ने फिल्म अभिनेता अर्जुन कपूर के व्यक्तित्व के अधिकारों के संरक्षण का अंतरिम आदेश दिया है। जस्टिस तुषार राव गडेला की बेंच ने अर्जुन कपूर का नाम, फोटो, आवाज इत्यादि के बिना अनुमति इस्तेमाल पर अंतरिम रोक का आदेश दिया है।
कोर्ट ने गूगल और मेटा को निर्देश दिया है कि वो अर्जुन कपूर के नाम, फोटो का अनधिकृत रुप से इस्तेमाल किए गए कंटेंट को हटाएं। कोर्ट ने गूगल और मेटा को इन कंटेंट का अनधिकृत रुप से इस्तेमाल करने वाले अकाउंट का विस्तृत ब्यौरा उपलब्ध कराने का आदेश दिया।
कोर्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म की उन दलीलों को खारिज कर दिया कि कई कंटेंट में केवल व्यंग्य ही है। कोर्ट ने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स की बात सही हो सकती है लेकिन बहुतायत में अर्जुन कपूर के नाम का इस्तेमाल अश्लील तरीके से किया गया है।
इसके पहले उच्च न्यायालय कई नामचीन हस्तियों के व्यक्तित्व के अधिकारों की रक्षा का आदेश दे चुका है। उच्च न्यायालय ने तेलुगु अभिनेता अल्लू अर्जुन, कथावाचक अनिरुद्धाचार्य, मलयालम फिल्म अभिनेता मोहनलाल, भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच और पूर्व सांसद गौतम गंभीर, बाबा रामदेव, पतंजलि आयुर्वेद के आचार्य बालकृष्ण, फिल्म अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा, फिल्म अभिनेत्री काजोल, फिल्म अभिनेता विवेक ओबेरॉय, आंध्रप्रदेश के उप मुख्यमंत्री पवन कल्याण, पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर, फिल्म अभिनेता सलमान खान, अभिनेता अजय देवगन, अभिनेत्री और सांसद जया बच्चन, पत्रकार सुधीर चौधरी, आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन के संस्थापक श्रीश्री रविशंकर, तेलुगु अभिनेता नागार्जुन, अभिनेत्री ऐश्वर्या राय, अभिषेक बच्चन और फिल्म प्रोड्यूसर करण जौहर के व्यक्तित्व से जुड़ी किसी बात का बिना अनुमति इस्तेमाल नहीं करने का आदेश दिया था।