दिल्ली: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और अनियमित दिनचर्या में खानपान की गलत आदतें सेहत को बड़ा नुकसान पहुंचा रही हैं। ऐसे में भोजन में अधिक तेल का इस्तेमाल सेहत के संग खिलवाड़ जैसा है। यह शरीर के लिए बेहद हानिकारक साबित होता है। हेल्थ एक्सपर्ट का मानना है कि ज्यादा तेल का सेवन न केवल मोटापा, बल्कि और भी कई गंभीर बीमारियों को पैदा करने में अहम भूमिका निभाता है। ऐसे में जरूरी है कि रोजमर्रा के भोजन में तेल की मात्रा को नियंत्रित किया जाए। इसके लिए नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) कुछ सुझाव भी देता है। एनएचएम के अनुसार, तेल का संतुलित इस्तेमाल स्वस्थ जीवन की कुंजी है। अगर हम अपने खाने में थोड़े बदलाव करें और कुछ आसान आदतों को अपनाएं, तो न केवल मोटापे से बच सकते हैं बल्कि हृदय रोग, डायबिटीज और अन्य समस्याओं के खतरे को भी कम कर सकते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि छोटी-छोटी सावधानियां लंबे समय में बड़े फायदे देती हैं।
तेल के उपयोग को सीमित करने के लिए सबसे आसान तरीका है कि इसे सीधे बर्तन में डालने के बजाय छोटी चम्मच का इस्तेमाल किया जाए। इससे अनजाने में ज्यादा तेल डालने की आदत पर नियंत्रण पाया जा सकता है। इसके अलावा तले हुए खाद्य पदार्थों का सेवन कम करना भी बेहद जरूरी है, क्योंकि इनमें कैलोरी की मात्रा अधिक होती है और ये वजन बढ़ाने का मुख्य कारण बनते हैं। विशेषज्ञ भाप में पके, भुने हुए या ग्रिल्ड भोजन को प्राथमिकता देने की सलाह देते हैं। इस तरह के भोजन में तेल की मात्रा कम होती है और पोषक तत्व भी बेहतर तरीके से सुरक्षित रहते हैं। साथ ही घर पर खाना बनाते समय हल्के तेल का उपयोग और सही मात्रा का ध्यान रखना भी जरूरी है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार मोटापा कई बीमारियों की जड़ है और इसका एक बड़ा कारण असंतुलित खानपान है। ऐसे में अगर समय रहते तेल के उपयोग पर नियंत्रण किया जाए, तो बेहतर स्वास्थ्य पाया जा सकता है।