शाही अंदाज में दिखे ज्योतिरादित्य सिंधिया, पुत्र महाआर्यमन के साथ गोरखी देवघर मंदिर में किया शस्त्र पूजन

Posted on: 2026-10-20


ग्वालियर, 20 अक्टूबर । मध्य प्रदेश के ग्वालियर क्षेत्र के महाराज और केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके पुत्र महाआर्यमन सिंधिया ने मंगलवार को विजयादशमी के अवसर पर ग्वालियर के गोरखी स्थित देवघर मंदिर पहुंचकर कुलदेवी की पूजा-अर्चना की। शाही पारंपरिक लिबास में पहुंचे दोनों पिता-पुत्र ने राजपरिवार के पुरोहितों के विधि-विधान से पूजन कराने के बाद शस्त्र पूजन किया।

ज्योतिरादित्य सिंधिया मंगलवार सुबह अपने महल जयविलास पैलेस से सीधे गोरखी देवघर पहुंचे। यहां उन्होंने विधि-विधान से पूजा और शस्त्र पूजन किया। इसके बाद वे सिंधिया परिवार की छत्रियों पर पहुंचे। यहां उन्होंने पूर्वजों और दिवंगत आत्माओं का स्मरण कर उनका आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्हें देखने और अभिवादन करने के लिए छत्री प्रांगण में बड़ी संख्या में आमजन और समर्थक मौजूद रहे।

ज्योतिरादित्य सिंधिया के पहुंचने से पहले उनकी पत्नी प्रियदर्शिनी राजे देवघर पहुंचीं। उन्होंने महानवमी पर विशेष पूजा-अर्चना की। इसके बाद परंपरा के अनुसार कन्या भोज कराया और कन्याओं को वस्त्र प्रदान किए। मराठा परिवार में तिथि के आधार पर दोपहर बाद से ही दशहरा पर्व मनाया गया। इस दौरान सिंधिया परिवार की परंपरा के अनुसार दशहरे का पूजन किया गया।

गौरतलब है कि ग्वालियर के सिंधिया राजपरिवार में विजयादशमी के पर्व पर गोरखी स्थित देवघर में पूजा करने की परंपरा रही है। सिंधिया राजघराना सदियों पुरानी इस परंपरा का पालन करता आ रहा है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया आज शाम 5:30 बजे मांढरे की माता के समीप शमी मंडप में शमी पूजन करेंगे। इस अवसर पर सिंधिया परिवार के सदस्य मौजूद रहेंगे।

राजपरिवार के राजपुरोहित त्रिम्बक शंकर शेंडे ने बताया कि दशहरे पर शमी पूजन की परंपरा वर्षों पुरानी है। सिंधिया परिवार में यह पूजा सात पीढ़ियों से होती आ रही है। विजयदशमी पर शाम को सिंधिया राजसी वेशभूषा में शमी की पूजा करेंगे। इसके बाद जैसे ही वे तलवार शमी के पूजन पर लगाएंगे, वहां मौजूद लोग शमी की पत्तियां लेंगे। इन पत्तियों को सोने का प्रतीक माना जाता है और लोग इन्हें अपने साथ ले जाते हैं।