इंदौर: ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ अभियान के तहत विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर रविवार को इंदौर नगर निगम (IMC) ने हेरिटेज वॉक का आयोजन किया। इस आयोजन में 200 से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया और शहर की ऐतिहासिक धरोहरों, संस्कृति और विरासत से जुड़ी जानकारी हासिल की। हेरिटेज वॉक का उद्देश्य इंदौर की ऐतिहासिक पहचान को लोगों तक पहुंचाना और शहर की सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। कार्यक्रम में सामाजिक संस्थाओं, शैक्षणिक संस्थानों और युवाओं की बड़ी भागीदारी रही।
कृष्णपुरा छतरी से शुरू हुई यात्रा हेरिटेज वॉक की शुरुआत इंदौर की ऐतिहासिक कृष्णपुरा छतरी से हुई। इसके बाद प्रतिभागी शहर के प्रमुख ऐतिहासिक मार्गों से होते हुए आगे बढ़े। वॉक के दौरान लोगों ने इंदौर की पुरानी वास्तुकला, ऐतिहासिक स्थलों और शहर की सांस्कृतिक परंपराओं को करीब से समझा। यह यात्रा राजवाड़ा होते हुए गोपाल मंदिर पहुंचकर समाप्त हुई। राजवाड़ा इंदौर की पहचान से जुड़े प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों में शामिल है, जहां बड़ी संख्या में लोग शहर की विरासत को देखने पहुंचते हैं।
सामाजिक और शैक्षणिक संस्थानों की भागीदारी कार्यक्रम में कई गैर सरकारी संगठनों (NGO), नर्सिंग कॉलेजों, इंदौर स्कूल ऑफ सोशल वर्क और अन्य शैक्षणिक एवं सामाजिक संस्थानों के प्रतिनिधियों और छात्रों ने भाग लिया। युवाओं और संस्थानों की भागीदारी से कार्यक्रम को विशेष महत्व मिला। प्रतिभागियों ने शहर के इतिहास और विरासत को जानने में रुचि दिखाई। इतिहासकार ने दी शहर की जानकारी हेरिटेज वॉक के दौरान मध्य भारत के प्रसिद्ध इतिहासकार जफर अंसारी ने प्रतिभागियों को इंदौर के इतिहास के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने शहर की सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक स्थलों और इंदौर की विशेष पहचान से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डाला। इतिहासकार ने बताया कि इंदौर केवल स्वच्छता के क्षेत्र में पहचान बनाने वाला शहर नहीं है, बल्कि इसकी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत भी बेहद समृद्ध है। स्वच्छता अभियान से जुड़ा आयोजन ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्वच्छता के साथ-साथ शहर की धरोहरों के संरक्षण और पर्यटन को बढ़ावा देना भी था।
नगर निगम की ओर से ऐसे आयोजनों के माध्यम से लोगों को शहर की ऐतिहासिक संपत्तियों के महत्व के बारे में जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है। इंदौर की विरासत को बढ़ावा देने की पहल इंदौर देशभर में स्वच्छता के लिए जाना जाता है। इसके साथ ही शहर की ऐतिहासिक इमारतें, मंदिर, छतरियां और बाजार इसकी सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा हैं। हेरिटेज वॉक जैसे आयोजनों के जरिए स्थानीय लोगों और पर्यटकों को शहर के इतिहास से जोड़ने की कोशिश की जाती है। युवाओं में बढ़ी रुचि कार्यक्रम में शामिल छात्रों और युवाओं ने शहर के इतिहास को जानने में उत्साह दिखाया। प्रतिभागियों ने कहा कि ऐसे आयोजन उन्हें अपने शहर की संस्कृति और विरासत को समझने का अवसर देते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि युवाओं की भागीदारी से ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण को बढ़ावा मिलता है। पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा विश्व पर्यटन दिवस के मौके पर आयोजित इस हेरिटेज वॉक का उद्देश्य इंदौर के पर्यटन स्थलों को लोगों के सामने लाना भी था। ऐसे कार्यक्रम शहर की ऐतिहासिक पहचान को मजबूत करने और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने में मदद करते हैं। नगर निगम की पहल जारी इंदौर नगर निगम की ओर से स्वच्छता और शहर की विरासत को जोड़कर कई गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि लोगों की भागीदारी से ही शहर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संपत्तियों का संरक्षण बेहतर तरीके से किया जा सकता है। रविवार को आयोजित हेरिटेज वॉक में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी ने दिखाया कि शहरवासी अपनी विरासत को जानने और उसे सहेजने में रुचि रखते हैं। इस आयोजन के माध्यम से इंदौर की ऐतिहासिक धरोहरों को नई पहचान मिली और लोगों को अपने शहर के गौरवशाली अतीत से जुड़ने का अवसर मिला।