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हिंदी सिनेमा में थ्रिलर फिल्में अक्सर अपने ट्विस्ट और रहस्य के लिए जानी जाती हैं, लेकिन 'हैवान' की खासियत यह है कि यहां रोमांच सिर्फ इस सवाल से पैदा नहीं होता कि अपराधी कौन है, बल्कि इस बात से पैदा होता है कि एक खतरनाक और हिंसक आदमी के सामने एक ऐसा व्यक्ति कैसे टिकेगा, जो अपनी आंखों से देख नहीं सकता। निर्देशक प्रियदर्शन ने इसी असमान मुकाबले को फिल्म का आधार बनाया है। एक तरफ परशुराम है, जिसके पास ताकत, आत्मविश्वास और हिंसा है, तो दूसरी तरफ श्याम है, जो अपनी समझ, सुनने की क्षमता और धैर्य के सहारे इस खतरनाक परिस्थिति का सामना करता है। यही टकराव फिल्म को शुरू से अंत तक बांधे रखता है।
कहानी
फिल्म की कहानी परशुराम और श्याम के इर्द-गिर्द घूमती है। परशुराम एक बेहद खतरनाक और रहस्यमयी व्यक्ति है, जो अपने सामने आने वाले लोगों पर आसानी से हावी हो जाता है। इसके विपरीत श्याम एक ऐसी परिस्थिति में फंस जाता है, जहां उसके लिए हर कदम चुनौती बन जाता है। वह देख नहीं सकता, इसलिए आसपास की हर हलचल को समझने के लिए उसे अपनी दूसरी इंद्रियों और अपने दिमाग पर निर्भर रहना पड़ता है।
जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, दोनों के बीच तनाव बढ़ता जाता है। परशुराम अपनी ताकत और डर के जरिए श्याम को कमजोर करना चाहता है, जबकि श्याम धैर्य और समझदारी से उसकी अगली चाल को समझने की कोशिश करता है। फिल्म की दिलचस्पी इसी बात में बनी रहती है कि आखिर दोनों में से कौन दूसरे से एक कदम आगे निकलता है। कहानी सिर्फ अपराध और पीछा करने तक सीमित नहीं रहती, बल्कि इसके साथ रिश्तों और भावनाओं को भी जोड़ा गया है। नंदिनी के किरदार में पहल चौधरी कहानी को भावनात्मक मजबूती देती हैं और श्याम की लड़ाई को एक निजी जुड़ाव भी प्रदान करती हैं।
अभिनय
'हैवान' की सबसे बड़ी ताकत अक्षय कुमार और सैफ अली खान का अभिनय है। परशुराम के किरदार में अक्षय कुमार अपने सामान्य नायक वाले अंदाज से पूरी तरह अलग दिखाई देते हैं। इस बार उन्हें दर्शकों को खुश करने के बजाय डर और बेचैनी पैदा करनी है और वह इसमें काफी हद तक सफल रहते हैं। परशुराम की सबसे खतरनाक बात उसकी हिंसा नहीं, बल्कि उसका शांत व्यवहार है। अक्षय बिना आवाज ऊंची किए और बिना जरूरत से ज्यादा हाव-भाव के किरदार में एक अजीब तरह का डर पैदा करते हैं। कई दृश्यों में उनका संयम ही उनके अभिनय की सबसे बड़ी ताकत बन जाता है।
सैफ अली खान ने श्याम के किरदार को बेहद सहजता से निभाया है। वह उसके अंधेपन को केवल भावुकता पैदा करने का माध्यम नहीं बनाते, बल्कि उसके किरदार की मानसिक मजबूती को सामने लाते हैं। श्याम डरता जरूर है, लेकिन डर के आगे हार नहीं मानता। सैफ के अभिनय में यही संतुलन उन्हें प्रभावी बनाता है। अक्षय और सैफ की आमने-सामने की भिड़ंत फिल्म का सबसे मजबूत हिस्सा है। एक के पास ताकत और आक्रामकता है, तो दूसरे के पास दिमाग और धैर्य। दोनों कलाकारों की केमिस्ट्री और टकराव फिल्म को असली रोमांच देते हैं। पहल चौधरी नंदिनी के किरदार में सुखद सरप्राइज हैं। उनकी परफॉर्मेंस सहज और सच्ची लगती है। बोमन ईरानी, सैयामी खेर और श्रिया पिलगांवकर भी अपने-अपने किरदारों में प्रभाव छोड़ते हैं। शारिब हाशमी पुलिस अधिकारी के रूप में कहानी को आगे बढ़ाने में मदद करते हैं। असरानी की मौजूदगी भी भावनात्मक असर छोड़ती है।
निर्देशन और तकनीकी पक्ष
प्रियदर्शन एक अनुभवी निर्देशक हैं और वह जानते हैं कि थ्रिलर में हर दृश्य को बड़े ट्विस्ट की जरूरत नहीं होती। 'हैवान' में कई बार सिर्फ यह एहसास ही तनाव पैदा करता है कि सामने वाला किरदार कुछ छिपा रहा है या अगली चाल क्या होगी। निर्देशक इसी अनिश्चितता का फायदा उठाते हैं।
फिल्म का माहौल गंभीर और तनावपूर्ण बना रहता है। कहानी को जरूरत से ज्यादा चमकदार बनाने के बजाय किरदारों के संघर्ष पर ध्यान दिया गया है। कुछ हिस्सों में फिल्म की रफ्तार थोड़ी धीमी जरूर महसूस होती है और यहां थोड़ी और कसावट की गुंजाइश थी, लेकिन इसके बावजूद मुख्य कहानी अपनी पकड़ बनाए रखती है। फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर इसके तनावपूर्ण माहौल को मजबूत करता है। प्रीतम का संगीत भी कहानी के भावनात्मक हिस्सों को सहारा देता है और फिल्म के अनुभव को बेहतर बनाता है।
फाइनल वर्डिक्ट
'हैवान' की असली ताकत इसके ट्विस्ट से ज्यादा इसके किरदारों और उनके बीच के संघर्ष में है। अक्षय कुमार ने परशुराम के रूप में अपने करियर का एक अलग रंग दिखाया है, जबकि सैफ अली खान ने श्याम के किरदार में कमजोरी के बीच छिपी मानसिक मजबूती को प्रभावी ढंग से पेश किया है।
फिल्म की लंबाई कुछ जगहों पर थोड़ी खलती है, लेकिन अक्षय और सैफ की भिड़ंत दर्शकों को लगातार बांधे रखती है। ताकत बनाम दिमाग और हिंसा बनाम धैर्य का यह मुकाबला फिल्म का सबसे बड़ा आकर्षण है। अगर आपको गंभीर, तनावपूर्ण और किरदारों पर आधारित थ्रिलर पसंद हैं, तो 'हैवान' बड़े पर्दे पर देखने लायक फिल्म है।