केंद्र की 37,500 करोड़ रुपये की कोयला गैसीकरण योजना के लिए पहले दौर में मिले 7 आवेदन

Posted on: 2026-09-08


नई दिल्ली, 08 सितंबर। केंद्र सरकार की 37,500 करोड़ रुपये के सतही कोयला और लिग्नाइट गैसीकरण प्रोत्साहन योजना के लिए पहले दौर में कुल सात आवेदन मिले हैं। ये आवेदन प्रमुख इंडस्ट्रीज और सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम से कुल 7 आवेदन मिले है। इनमें से तीन आवेदन अडाणी इंटरप्राइजेज की ओर से आए हैं।

कोयला मंत्रालय के मुताबिक अडाणी एंटरप्राइजेज, गैलेंट इस्पात, एनटीपीसी, श्याम सेल एंड पावर और तालचर फर्टिलाइजर्स ने ये आवेदन जमा किए हैं। इन आवेदनों में यूरिया, डायरेक्ट रिड्यूस्ड आयरन, सिनगैस और सिंथेटिक नेचुरल गैस से जुड़े प्रस्ताव शामिल हैं। सरकार का मानना है कि इस प्रतिक्रिया से घरेलू कोयला गैसीफिकेशन को बढ़ाने की उसकी कोशिशों को मजबूती मिली है। अडाणी एंटरप्राइजेज ने यूरिया प्रोजेक्ट्स के लिए तीन अलग-अलग आवेदन जमा किए हैं, जबकि गैलेंट इस्पात ने डायरेक्ट रिड्यूस्ड आयरन और सिनगैस प्रोजेक्ट के लिए आवेदन किया है।

एनपीसी ने सिंथेटिक नेचुरल गैस प्रोजेक्ट का प्रस्ताव दिया है, श्याम सेल एंड पावर ने सिनगैस प्रोजेक्ट के लिए और तालचर फर्टिलाइजर्स ने यूरिया प्रोजेक्ट के लिए आवेदन किया है। मंत्रालय ने कहा कि यह योजना और देश के कोयला गैसीकरण मिशन में स्पष्ट विश्वास का प्रतीक हैं। इसमें बाजार ने अपना निर्णय बहुत ही स्पष्ट रूप से दिया है। पहले दौर के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों का अब योजना के दिशानिर्देशों और निविदा प्रस्ताव (आरएफपी) के अनुसार विस्तृत मूल्यांकन किया जाएगा।

कोयला मंत्रालय ने 8 सितंबर से योजना के दूसरे चरण के खुलने की घोषणा की। निविदा के अनुसार आवेदन प्रक्रिया दो-दो महीने के अंतराल पर जारी रहेगी, जिससे पात्र संस्थाओं को नियमित रूप से भाग लेने का अवसर भी मिलेगा। इसके साथ ही कई संभावित आवेदक वर्तमान में परियोजना की तैयारी के उन्नत चरणों में हैं, जिसे आगामी चरणों में प्रस्ताव प्रस्तुत करने की आशा है।