विदेश मंत्रालय ने शनिवार को पुष्टि की कि लक्जमबर्ग के उप प्रधानमंत्री एवं विदेश और विदेश व्यापार मंत्री जेवियर बेटेल 7 से 9 सितंबर तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे। विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, बेटेल सोमवार, 7 सितंबर को नई दिल्ली पहुंचेंगे। इसी दिन वह हैदराबाद हाउस में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।
विदेश मंत्रालय की ओर से साझा जानकारी के अनुसार, वह मंगलवार को चेन्नई जाएंगे, जहां भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास कैंपस का दौरा करेंगे। विदेश मंत्री जयशंकर की जनवरी में लक्जमबर्ग की आधिकारिक यात्रा के दौरान, बेटेल ने भारत के साथ संबंधों को गहरा करने का आह्वान किया था और लक्जमबर्ग के तकनीकी, डिजिटल और वित्तीय क्षेत्रों के विकास में भारतीय समुदाय द्वारा निभाई गई भूमिका पर प्रकाश डाला था।
इस दौरान बेटेल ने विदेश मंत्री जयशंकर के साथ बैठक के दौरान अपने शुरुआती संबोधन में कहा था, “मैं डॉ. जयशंकर का लक्जमबर्ग में स्वागत करना चाहता हूं और मैं बस यही कहना चाहता था कि मुझे ऐसे लोग पसंद हैं जो कुछ कहते हैं और उसे करते भी हैं। आपने पिछले साल जब हम दिल्ली में मिले थे, तब मुझसे कहा था कि आप लक्जमबर्ग आएंगे और आप यहां हैं।”
उन्होंने कहा कि मैं इसकी बहुत सराहना करता हूं। भारत और लक्जमबर्ग के बीच संबंधों का लंबा और मजबूत इतिहास रहा है। आपको यह जानकर भी खुशी होगी कि भारतीय समुदाय लक्जमबर्ग में 10वां सबसे बड़ा समुदाय है। बेटेल ने विश्वास जताया कि विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के साथ होने वाली उनकी चर्चा से दोनों देशों के बीच संबंध और अधिक गहरे एवं मजबूत होंगे।
उन्होंने कहा, “मैं यह भी कहना चाहता हूं कि भारतीय प्रतिभा और ज्ञान के बिना मेरे देश की तकनीकी प्रगति आज जैसी है, वैसी नहीं होती। डिजिटल प्रौद्योगिकी से लेकर वित्त और अंतरिक्ष तक, हमारे सहयोग के अनेक क्षेत्र हैं। मैं भारत और लक्जमबर्ग के बीच सहयोग की इस सूची को और भी आगे बढ़ा सकता हूं।”