रायपुर: बाल संरक्षण के क्षेत्र में
मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। जिला
प्रशासन,
महिला एवं बाल विकास विभाग तथा बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के
संयुक्त प्रयासों से जिले में पहला सफल फॉस्टर केयर (पोषण देखरेख) पुनर्वास पूरा
किया गया है। इसके तहत एक बालक को संस्थागत देखरेख से निकालकर सुरक्षित, स्नेहपूर्ण और पारिवारिक वातावरण उपलब्ध कराया गया है। यह पहल बाल
अधिकारों के संरक्ष
कलेक्टर तनुजा सलाम के निर्देशन तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी एवं
जिला बाल संरक्षण अधिकारी के मार्गदर्शन में 1 जून से 30
जून 2026 तक विकट परिस्थितियों में रहने वाले
बच्चों के रेस्क्यू और पुनर्वास के लिए विशेष अभियान चलाया गया था। अभियान के
दौरान श्रम विभाग, पुलिस विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग
की संयुक्त टीम ने एक स्थानीय ढाबे से बालक का रेस्क्यू किया। जांच में पता चला कि
बालक के माता-पिता तथा दादा-दादी का निधन हो चुका है। इसके बाद बालक को बाल कल्याण
समिति के समक्ष प्रस्तुत कर तत्काल संरक्षण के लिए बालगृह भेजा गया।
नए परिवार में मिल रहा स्नेह और शिक्षा का अवसर फॉस्टर केयर के
माध्यम से अब बालक को संस्थागत जीवन के स्थान पर अपने परिवार का स्नेह, अपनापन और सुरक्षा मिल रही है। वर्तमान में वह अपने नए परिवार के साथ
सुरक्षित एवं खुशहाल जीवन व्यतीत कर रहा है। पोषण परिवार उसकी दैनिक आवश्यकताओं के
साथ शैक्षणिक जरूरतों का भी ध्यान रख रहा है। बालक अब नियमित रूप से स्कूल जा रहा
है और पारिवारिक छत्रछाया में अपनी पढ़ाई जारी रखे हुए है। उसके जीवन में आया यह
बदलाव बताता है कि संवेदनशील प्रयासों और सही वैकल्पिक देखरेख व्यवस्था के माध्यम
से जरूरतमंद बच्चों को बेहतर भविष्य की राह दिखाई जा सकती है।