बस्तर की नई पहचान पर्यटन से गढ़ने में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका : विष्णु देव साय

Posted on: 2026-08-23


रायपुर  छत्तीसगढ़ में प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध जनजातीय संस्कृति और अद्भुत जैव विविधता से भरपूर बस्तर में पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं। लंबे समय तक नक्सलवाद के कारण राष्ट्रीय स्तर पर बस्तर की पहचान उसकी वास्तविक खूबसूरती और सांस्कृतिक समृद्धि के अनुरूप नहीं बन पाई। अब परिस्थितियां तेजी से बदली हैं और बस्तर शांति, विश्वास, विकास और पर्यटन की नई पहचान के साथ आगे बढ़ने के लिए तैयार है। बस्तर की इस बदलती तस्वीर को देश-दुनिया तक पहुंचाने में मीडिया महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। मुख्यमंत्री साय ने शनिवार को मुख्यमंत्री निवास में लेह-लद्दाख के अध्ययन एवं एक्सपोजर विजिट से लौटे पत्रकारों से सौजन्य मुलाकात के दौरान यह बात कही।

मुख्यमंत्री साय ने पत्रकारों से उनके अध्ययन भ्रमण के अनुभवों के संबंध में आत्मीय संवाद किया और पर्यटन के विकास में मीडिया की भूमिका पर चर्चा की।

उन्होंने कहा कि बस्तर प्रकृति की अनुपम देन है। यहां के घने वन, मनोरम जलप्रपात, नदियां, पहाड़ और गुफाएं जितनी आकर्षक हैं, उतनी ही विशिष्ट यहां की जनजातीय संस्कृति, परंपराएं, लोककला, हस्तशिल्प, खान-पान और जीवनशैली है। बस्तर का प्रत्येक क्षेत्र अपने भीतर प्रकृति और संस्कृति की एक अलग कहानी समेटे हुए है। 

उन्होंने कहा कि बीते चार दशकों में बस्तर का नाम राष्ट्रीय मीडिया में अधिकांशतः नक्सलवाद और हिंसा से जुड़ी घटनाओं के संदर्भ में सामने आता रहा। इससे बस्तर की वास्तविक पहचान कहीं पीछे छूट गई। अब नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता और क्षेत्र में स्थापित हो रहे शांति के वातावरण ने बस्तर के विकास के लिए नए द्वार खोले हैं।

मुख्यमंत्री साय ने लेह-लद्दाख का उल्लेख करते हुए कहा कि प्राकृतिक एवं भौगोलिक विशिष्टताओं वाले क्षेत्रों में सुव्यवस्थित पर्यटन स्थानीय अर्थव्यवस्था में बड़ा परिवर्तन ला सकता है। अध्ययन भ्रमण के दौरान पत्रकारों ने वहां पर्यटन प्रबंधन, स्थानीय संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन आधारित आजीविका के विभिन्न पहलुओं को निकट से देखा है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बस्तर में शांति और विकास को स्थायी स्वरूप देने के साथ पर्यटन की संभावनाओं को भी विस्तार देने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रयास है कि देश-दुनिया से पर्यटक निर्भय होकर बस्तर आएं, यहां की प्राकृतिक सुंदरता और विशिष्ट संस्कृति को करीब से देखें तथा एक नए और बदलते बस्तर का अनुभव लेकर लौटें।

इस अवसर पर पत्रकारों ने मुख्यमंत्री साय के साथ लेह-लद्दाख अध्ययन भ्रमण के अनुभव साझा किए। उन्होंने वहां के पर्यटन विकास, स्थानीय अर्थव्यवस्था, संस्कृति एवं अन्य व्यवस्थाओं से जुड़े अपने अनुभवों की जानकारी दी।