राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजकीय स्वागत समारोह का आयोजन किया।

Posted on: 2026-08-16


राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कल 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति भवन में राजकीय स्वागत समारोह का आयोजन किया।
 
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद, भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय मंत्री, राजनयिक, विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित व्यक्ति और विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों के लाभार्थी इस स्वागत समारोह में शामिल हुए। इस वर्ष के स्वागत समारोह में छत्तीसगढ़, गोवा, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की समृद्ध और जीवंत कला और संस्कृति, चिरस्थायी परंपराओं और व्यंजनों का जश्न मनाया गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद, भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय मंत्रिपरिषद के सदस्य, विभिन्न देशों के राजनयिक, प्रतिष्ठित नागरिक तथा सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थी शामिल हुए।

इस अवसर पर राष्ट्रपति भवन का वातावरण देशभक्ति और उत्साह से भर गया। विभिन्न क्षेत्रों से आए अतिथियों की उपस्थिति ने समारोह को विशेष गरिमा प्रदान की। स्वतंत्रता दिवस केवल भारत की आजादी का स्मरण करने का अवसर नहीं है, बल्कि यह देश की एकता, अखंडता, लोकतांत्रिक परंपराओं और विकास के संकल्प को भी मजबूत करता है। राष्ट्रपति भवन में आयोजित यह स्वागत समारोह इसी भावना का प्रतीक रहा।

इस वर्ष के समारोह की सबसे प्रमुख विशेषता छत्तीसगढ़, गोवा, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की समृद्ध एवं जीवंत कला-संस्कृति को प्रमुखता देना रहा। इन राज्यों की लोक कलाओं, पारंपरिक संगीत, नृत्य, हस्तशिल्प और सांस्कृतिक परंपराओं ने कार्यक्रम में भारत की विविधता की सुंदर झलक प्रस्तुत की। अलग-अलग क्षेत्रों की विशिष्ट परंपराओं को एक ही मंच पर प्रस्तुत कर यह संदेश दिया गया कि भारत की शक्ति उसकी सांस्कृतिक विविधता और साझा विरासत में निहित है।

समारोह में इन राज्यों के पारंपरिक व्यंजनों को भी विशेष स्थान दिया गया। विभिन्न प्रकार के स्थानीय पकवानों और पारंपरिक स्वादों के माध्यम से अतिथियों को देश की खान-पान संबंधी विविधता से परिचित कराया गया। व्यंजनों के माध्यम से भी भारत की समृद्ध लोक परंपराओं और क्षेत्रीय पहचान को प्रदर्शित किया गया।

राष्ट्रपति भवन का यह आयोजन स्वतंत्रता दिवस की भावना को सांस्कृतिक रंगों से जोड़ने वाला अवसर रहा। इसमें देश के संवैधानिक पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, राजनयिकों, विशिष्ट नागरिकों और आम लोगों को जोड़कर लोकतंत्र की व्यापक भागीदारी को दर्शाया गया। साथ ही, विभिन्न राज्यों की कला, संस्कृति और व्यंजनों का उत्सव भारत की ‘विविधता में एकता’ की भावना को और मजबूत करता है। यह समारोह देश की गौरवशाली विरासत को सम्मान देने तथा विकसित और समावेशी भारत के निर्माण के संकल्प को दोहराने का अवसर भी बना।