नई दिल्ली, 15 अगस्त । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से कहा कि हत्यारी नक्सली ताकतें कमजोर हुई हैं, लेकिन वर्षों तक सत्ता में रहे ‘दिमागी नक्सली’ अब भी मौके की तलाश में हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग अराजकता के रास्ते खोज रहे हैं और समाज को गलत राह पर ले जाने के लिए तरह-तरह के दांव चल रहे हैं।
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से अपने संबोधन में मोदी ने ऐसे तत्वों को पहचानकर अलग-थलग करने और देश के युवाओं को विकसित भारत के निर्माण से जोड़ने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 में नक्सलवाद को समाप्त करने का संकल्प लिया गया था। इसके बाद नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थितियां बदली हैं और आज वहां विकास की गूंज सुनाई दे रही है।
उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया संकट के दौरान कुछ लोग देश को डराने में आनंद ले रहे थे, लेकिन पिछले 10-12 वर्षों में की गई सुविचारित तैयारियों ने भारत को इन चुनौतियों से निपटने में सक्षम बनाया है। मोदी ने कहा कि आज देश में पेट्रोल, डीजल और यूरिया की उपलब्धता बनी हुई है और भारत अपनी ताकत के बल पर आगे बढ़ रहा है। हम 2047 तक विकसित राष्ट्र बनकर रहेंगे।