सर्वोच्च न्यायालय ने आज मद्रास उच्च न्यायालय के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें पिछले वर्ष करूर भगदड़ में मारे गए लोगों के परिजनों को सरकारी नौकरी देने के राज्य के फैसले को रद्द कर दिया गया था। न्यायाधीश जे. बी. परदीवाला और न्यायाधीश के. विनोद चंद्रन की पीठ ने उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देने वाली तमिलनाडु सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए अंतरिम आदेश पारित किया। सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि राज्य ने एक दुर्भाग्यपूर्ण त्रासदी के जवाब में पीड़ित परिवारों को रोजगार की पेशकश की थी और सरकार के इस फैसले को चुनौती देने पर सवाल उठाया।
राज्य ने मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरै बेंच के 27 जुलाई के उस आदेश के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में अपील की थी, जिसमें करूर में सितंबर 2025 में हुई भगदड़ में मारे गए लोगों के परिवारों को अनुकंपा नियुक्ति देने के सरकार के फैसले को रद्द कर दिया गया था।