नई दिल्ली में पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय की पुनर्गठित हिंदी सलाहकार समिति की पहली बैठक केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में मंत्रालय और उसके अधीनस्थ संगठनों में राजभाषा हिंदी के प्रयोग की समीक्षा की गई तथा इसके प्रभावी और व्यापक उपयोग को बढ़ावा देने के उपायों पर चर्चा हुई। इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राजभाषा हिंदी सरकार की नीतियों और जनकल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का सशक्त माध्यम है।
कई जनप्रतिनिधि और विशेषज्ञ रहे मौजूद
बैठक में लोकसभा सांसद भर्तृहरि महताब, राज्यसभा सांसद मदन राठौड़, हिंदी सलाहकार समिति के सदस्य, राजभाषा विशेषज्ञ, मंत्रालय और उसके अधीनस्थ संगठनों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक की शुरुआत में मंत्रालय के सचिव विजय कुमार ने सभी सदस्यों का स्वागत किया और मंत्रालय में राजभाषा हिंदी के प्रगतिशील प्रयोग के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।
प्रशासनिक कार्यों में हिंदी के अधिक उपयोग पर जोर
बैठक के दौरान सदस्यों ने मंत्रालय के प्रशासनिक कार्यों, आधिकारिक पत्राचार, जनसंचार और विभिन्न कार्यक्रमों में राजभाषा हिंदी के प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
हिंदी सलाहकार समिति की भूमिका अहम : सोनोवाल
बैठक को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि हिंदी सलाहकार समिति केवल औपचारिक समिति नहीं है, बल्कि यह राजभाषा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन, प्रशासनिक कार्यों में भाषाई सरलता और शासन को आमजन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने कहा कि समिति के सुझाव मंत्रालय की नीतियों और कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी, जनोन्मुख और सुगम बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
विकसित भारत-2047 के लक्ष्य का किया उल्लेख
सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है। इस लक्ष्य की प्राप्ति में आधारभूत संरचना, लॉजिस्टिक्स, समुद्री अर्थव्यवस्था और जलमार्गों का विकास महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मंत्रालय पत्तनों के आधुनिकीकरण, समुद्री अवसंरचना के विकास, हरित एवं सतत नौवहन तथा जलमार्गों के विस्तार के लिए लगातार काम कर रहा है।
समुद्री क्षेत्र में भारत की उपलब्धियां गिनाईं
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ‘मैरीटाइम इंडिया विज़न 2030’ और ‘मैरीटाइम अमृतकाल विज़न 2047’ के माध्यम से भारत को समुद्री क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व दिलाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि शिप रिसाइक्लिंग के क्षेत्र में भारत ने दुनिया में पहला स्थान हासिल किया है।
आमजन तक योजनाएं पहुंचाने में हिंदी की भूमिका महत्वपूर्ण
सोनोवाल ने कहा कि सरकार की उपलब्धियों और योजनाओं का उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब उनकी जानकारी देश के प्रत्येक नागरिक, उद्यमी, नाविक, किसान, उद्योगपति, विद्यार्थी और अन्य हितधारकों तक उनकी समझ की भाषा में पहुंचे। उन्होंने कहा कि इस दिशा में राजभाषा हिंदी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और समिति के सुझाव राजभाषा नीति को और प्रभावी बनाने में मदद करेंगे।
12 संगठनों को मिला राजभाषा शील्ड सम्मान
बैठक के दौरान मंत्रालय के अधीन 12 संगठनों को राजभाषा हिंदी के प्रगतिशील प्रयोग और उत्कृष्ट कार्य के लिए राजभाषा शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया। पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग राज्य मंत्री ने भी समिति के सदस्यों के सुझावों की सराहना करते हुए मंत्रालय में हिंदी के उपयोग को और बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता दोहराई।
सुझावों पर गंभीरता से होगा अमल
बैठक के समापन पर केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि समिति के सुझाव मंत्रालय में राजभाषा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन को और मजबूत करेंगे तथा मंत्रालय की जनोन्मुखी कार्यप्रणाली को नई दिशा देंगे।