पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा ने दो अत्याधुनिक लॉन्ग-बूम एम्फीबियस एक्सकेवेटर मशीनों का किया शुभारंभ

Posted on: 2026-07-24


नई दिल्ली, 24 जुलाई। दिल्ली को बाढ़ और जलभराव से अधिक सुरक्षित बनाने तथा शहर के ड्रेनेज सिस्टम को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए दिल्ली के सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण मंत्री प्रवेश वर्मा ने शुक्रवार को दल्लूपुरा गांव के पास गाजीपुर ड्रेन की सफाई और पुनर्स्थापना के लिए दो अत्याधुनिक लॉन्ग-बूम एम्फीबियस एक्सकेवेटर मशीनों का शुभारंभ किया।

इन मशीनों की तैनाती के साथ लंबे समय से भारी मात्रा में जमा गाद से जूझ रहे नालों की सफाई के लिए तकनीक आधारित अभियान की शुरुआत हुई है। गाजीपुर ड्रेन नोएडा, साहिबाबाद, चिल्ला और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों से आने वाले पानी को दिल्ली से बाहर ले जाने वाला एक महत्वपूर्ण ड्रेनेज चैनल है।

इस अवसर पर मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि इस ड्रेन की लगभग 30 से 40 वर्षों से सही तरीके से डी-सिल्टिंग नहीं हुई है। वर्षों से भारी मात्रा में गाद जमा होती रही, जिससे इसकी पानी ले जाने की क्षमता काफी कम हो गई। दिल्ली सरकार की प्राथमिकता है कि इस पुरानी और जमा हुई गाद को हटाकर दिल्ली के सभी प्रमुख नालों की क्षमता बहाल की जाए, ताकि राजधानी मानसून के दौरान बेहतर तरीके से तैयार रहे।

उन्होंने कहा कि सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के अंतर्गत आने वाले प्रमुख नालों में इसी तरह की आधुनिक मशीनों का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे डी-सिल्टिंग का काम तेज, सुरक्षित और अधिक प्रभावी तरीके से पूरा किया जा सके।

सामान्य एक्सकेवेटर मशीनों के विपरीत, ये विशेष एम्फीबियस मशीनें सूखी जमीन, दलदली क्षेत्र, उथले पानी और नाले के भीतर भी आसानी से काम कर सकती हैं। इनका 15 मीटर लंबा बूम और 9 मीटर तक खुदाई की क्षमता इन्हें गहराई में जमा गाद, सिल्ट, कीचड़, कचरा, मलबे और जलकुंभी जैसी जलीय वनस्पतियों को हटाने में सक्षम बनाती है। इनके इस्तेमाल के लिए अस्थायी प्लेटफॉर्म बनाने या बड़े पैमाने पर मैनुअल श्रम पर निर्भर रहने की आवश्यकता भी कम होगी।

प्रवेश वर्मा ने बताया कि प्रत्येक मशीन में 0.50 घन मीटर क्षमता वाली बकेट और 140 हॉर्सपावर का इंजन लगा है। ये मशीनें जमीन के साथ-साथ पानी में भी चल सकती हैं, जिससे चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी लगातार काम करना संभव होगा। पानी के भीतर चलने की क्षमता से काम में होने वाली देरी कम होगी और डी-सिल्टिंग की गति तथा दक्षता में सुधार आएगा।

उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने इन अत्याधुनिक मशीनों की खरीद पर प्रति मशीन 2.62 करोड़ रूपये खर्च किए हैं। यह निवेश दिल्ली के ड्रेनेज इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने और लंबे समय के लिए शहर को बाढ़ एवं जलभराव से अधिक सुरक्षित बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

पीडब्ल्यूडी मंत्री ने कहा कि सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारियों के अनुसार, एम्फीबियस एक्सकेवेटर के इस्तेमाल से प्रमुख नालों की जल निकासी क्षमता में उल्लेखनीय सुधार होगा, भारी बारिश के दौरान जलभराव का जोखिम कम होगा और दिल्ली की समग्र बाढ़ प्रबंधन व्यवस्था मजबूत होगी।

उन्होंने कहा कि इन मशीनों की तैनाती दिल्ली सरकार के उस व्यापक अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत शहर के ड्रेनेज इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाया जा रहा है, दशकों से जमा गाद को हटाया जा रहा है और प्रमुख नालों को उनकी निर्धारित क्षमता के अनुरूप बहाल किया जा रहा है।