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नई दिल्ली, 04 जुलाई । आम आदमी पार्टी (आआपा) के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने दिल्ली सरकार पर स्वास्थ्य विभाग में कथित 650 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज सिंह से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि दवाओं, एक्स-रे मशीनों, बेडशीट, ओआरएस पैकेट और अन्य चिकित्सा उपकरणों की खरीद में बड़े पैमाने पर वित्तीय कमियां पाई गई है।
आआपा नेता संजय सिंह ने शनिवार को पार्टी कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में सरकार पर आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग में नियमों की अनदेखी कर नियुक्तियां की गईं और इसके बाद खरीद प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं को अंजाम दिया गया। उन्होंने कहा कि 'भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो' (एसीबी) की एफआईआर में भी कई गंभीर आरोप दर्ज हैं और मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
संजय सिंह ने कहा कि पोर्टेबल एक्स-रे मशीनों की खरीद के लिए पहले कम संख्या में टेंडर जारी किया गया, लेकिन बाद में मशीनों की संख्या कई गुना बढ़ा दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन मशीनों की कीमत अन्य संस्थानों में लगभग एक लाख रुपये प्रति यूनिट थी, उन्हें दिल्ली सरकार ने लगभग तीन लाख रुपये प्रति यूनिट की दर से खरीदा, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ।
उन्होंने चादर खरीद को लेकर भी आरोप लगाया कि अस्पतालों के प्रत्येक बेड के लिए आवश्यकता से कहीं अधिक बेडशीट खरीदी गईं और उनकी कीमत भी बाजार दर से कई गुना अधिक चुकाई गई। साथ ही उन्होंने कहा कि ओआरएस पैकेट के घोल जो को 15 रुपये मिलते है एक करोड़ रुपये का सामान 7.5 करोड़ रुपये में खरीदा और दवाओं की खरीद में भी कथित रूप से अधिक कीमत पर खरीदारी कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया।
संजय सिंह ने आरोप लगाया कि बड़ी मात्रा में दवाओं की खरीद स्थानीय केमिस्टों से कराई गई, जबकि थोक खरीद के माध्यम से इन्हें काफी कम कीमत पर खरीदा जा सकता था।
उन्होंने कहा कि इस मामले में राजनीतिक जवाबदेही तय नहीं की जा रही है, अब तक किसी मंत्री के खिलाफ कार्रवाई भी नहीं हुई है।
संजय सिंह ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज सिंह तथा संबंधित अधिकारियों से पूछताछ और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।