सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च हुआ विनीत मोबाइल का आईपीओ, 7 जुलाई को हो सकती है लिस्टिंग

Posted on: 2026-06-30


नई दिल्ली, 30 जून । मल्टी ब्रैंड रिटेल मोबाइल बिजनेस के काम में लगी विनीत मोबाइल लिमिटेड का 34.13 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में 02 जुलाई तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 03 जुलाई को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 06 जुलाई को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 07 जुलाई को एनएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं। पहले दिन दोपहर 2:40 बजे तक ये आईपीओ सिर्फ चार प्रतिशत सब्सक्राइब हुआ था।

इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 150 रुपये से लेकर 158 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 800 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स को दो लॉट यानी 1,600 शेयरों के लिए बोली लगाना होगा, जिसके लिए उन्हें 2,52,800 रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 21.60 लाख नए शेयर बेचे जा रहे हैं।

इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए सिर्फ एक प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 56 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 38 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इसके अलावा मार्केट मेकर के लिए पांच प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इस इश्यू के लिए कंफर्ट सिक्योरिटीज लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि बिगशेयर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है। वहीं, कंफर्ट सिक्योरिटीज लिमिटेड ही कंपनी का मार्केट मेकर भी है।

विनीत मोबाइल की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 72 लाख रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 3.90 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को 5.11 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका था।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 28.59 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 60.63 करोड़ के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को 56.01 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका था।

इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में उतार-चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 3.10 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में मामूली गिरावट के साथ 3.04 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं, पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने में यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ उछल कर 6.07 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इस अवधि में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस भी लगातार बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 69 लाख रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 4.59 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक की बात करें, तो इस दौरान कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 5.70 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया था।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 70 लाख रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 4.60 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं, पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक ये कंपनी का नेटवर्थ बढ़ कर 9.71 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 1.05 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 5.72 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं, पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक ये बढ़ कर 7.53 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया था।