पति की दीर्घायु के लिए महिलाओं ने की वटवृक्ष की पूजा

Posted on: 2026-06-29


धमतरी, 29 जून । जिले में सोमवार को वट सावित्री पर्व श्रद्धा, आस्था और पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया गया। जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह से ही महिलाओं में पर्व को लेकर खास उत्साह देखने को मिला। महिलाओं ने व्रत रखकर वट वृक्ष की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और अपने पति की लंबी उम्र, परिवार की सुख-शांति तथा समृद्धि की कामना की।

जिले के विभिन्न मंदिरों, पूजा स्थलों और वट वृक्ष के पास महिलाओं की भारी भीड़ जुटी रही। पारंपरिक परिधान और श्रृंगार में सजी महिलाओं ने पूजा की थाली लेकर वट वृक्ष की परिक्रमा की तथा रक्षा सूत्र बांधा।

महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाज एवं श्रद्धा के साथ वट वृक्ष की पूजा-अर्चना कर अपने पति की लंबी आयु, सुख-समृद्धि एवं अखंड सौभाग्य की कामना की। सुबह से ही महिलाएं नए वस्त्र एवं सोलह श्रृंगार कर पूजा स्थलों पर पहुंचने लगीं। पूजा के दौरान महिलाओं ने फल, फूल, मिठाई, नारियल, केला, खीरा एवं अन्य पूजन सामग्री अर्पित की। इस दौरान महिलाओं ने वट सावित्री व्रत कथा का श्रवण किया और धार्मिक रीति-रिवाजों का पालन किया। शहर के रुद्री रोड स्थित पीएचई आफिस के पास बरगद वृक्ष के नीचे महिलाएं पूजन करती दिखाई दी। इसी तरह शहर के रिसाइपारा, टिकरापारा, रुद्री रोड, रामबाग, सिहावा रोड, हटकेशर वार्ड, मराठापारा वार्ड सहित विभिन्न स्थानों पर सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना की गई, जिससे वातावरण भक्तिमय बना रहा। मान्यता है कि वट सावित्री व्रत करने से पति की आयु लंबी होती है और परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है। इसी आस्था के साथ महिलाओं ने दिनभर उपवास रखकर पूजा की। मंदिरों में पूजा को लेकर सुबह से ही चहल-पहल बनी रही और श्रद्धालुओं की लगातार भीड़ पहुंचती रही। बाजार में पूजन सामग्री, फल, फूल, अगरबत्ती, रक्षा सूत्र और अन्य धार्मिक सामान की पूछ- परख रही।विप्र विद्वत परिषद के पंडित राजकुमार तिवारी ने बताया कि बरगद का वट वृक्ष दीर्घायु एवं अखंड सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार व्रत करने से पति की आयु लंबी होती है। इस साल जेठ माह की दो तिथि होने के कारण वट सावित्री का पर्व दो बार मनाया जा रहा है। पूजन से परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। यह पूजा सुहागिन महिलाएं अपने पति की दीर्घायु के लिए करती हैं।