मेकेदाटु परियोजना पर कांग्रेस दोहरा रवैया अपना रही, कर्नाटक के हितों से समझौता कर रही है : आर. अशोक

Posted on: 2026-06-19


बेंगलुरु, 19 जून । मेकेदाटु बांध परियोजना को लेकर कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और कांग्रेस नेतृत्व पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस कर्नाटक और तमिलनाडु में अलग-अलग रुख अपनाकर राज्य के हितों से समझौता कर रही है तथा गठबंधन राजनीति के लिए कर्नाटक के हितों की बलि चढ़ा रही है।

सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी बयान में आर. अशोक ने कहा कि कांग्रेस ने एक बार फिर अपना वास्तविक चेहरा उजागर कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी कांग्रेस के सामने कर्नाटक के हितों और राजनीतिक समीकरणों के बीच चयन की स्थिति आती है, तब वह राज्य के हितों को प्राथमिकता देने के बजाय राजनीतिक हितों को आगे रखती है।

अशोक ने कहा कि तमिलनाडु में सत्तारूढ़ गठबंधन खुले तौर पर मेकेदाटु परियोजना का विरोध कर रहा है और वहां कांग्रेस भी विरोधी पक्ष के साथ खड़ी नजर आती है। दूसरी ओर कर्नाटक में कांग्रेस नेता स्वयं को परियोजना का समर्थक बताते हुए पदयात्राएं निकालते हैं और जनता के बीच इसे राज्य के जल अधिकारों से जोड़कर प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल दोहरा मापदंड नहीं, बल्कि राजनीतिक विश्वासघात की पराकाष्ठा है।

मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार पर निशाना साधते हुए आर. अशोक ने सवाल किया कि मेकेदाटु पदयात्रा वास्तव में कर्नाटक के जल अधिकारों की रक्षा के लिए थी या फिर केवल राजनीतिक लाभ हासिल करने का माध्यम? उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री वास्तव में परियोजना के पक्षधर हैं, तो उन्हें अपनी ही पार्टी और सहयोगी दलों द्वारा किए जा रहे विरोध पर खुलकर प्रतिक्रिया देनी चाहिए।

उन्होंने कहा, “आपने कर्नाटक के जल अधिकारों की रक्षा का दावा करते हुए पदयात्रा निकाली थी। लेकिन आज जब आपकी ही पार्टी और गठबंधन के सहयोगी इस परियोजना को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं, तब आपकी चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। आपका विरोध, आपका आक्रोश और आपका नेतृत्व आखिर कहां है?”

आर. अशोक ने कांग्रेस नेतृत्व और विशेष रूप से राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने पूछा कि क्या कर्नाटक के हित एक बार फिर गठबंधन राजनीति की भेंट चढ़ने वाले हैं। उन्होंने राहुल गांधी से सवाल किया कि क्या वे अपने सहयोगी दलों और कांग्रेस नेताओं से यह कहने का साहस रखते हैं कि कर्नाटक के जल और विकास संबंधी हित किसी भी राजनीतिक समझौते का विषय नहीं हो सकते।

विपक्ष के नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस वर्षों से मेकेदाटु परियोजना को चुनावी मुद्दे के रूप में इस्तेमाल करती रही है और किसानों की भावनाओं का राजनीतिक लाभ उठाती रही है। उन्होंने कहा कि अब जनता के सामने कांग्रेस का वास्तविक रुख स्पष्ट हो गया है। कर्नाटक में परियोजना के समर्थन और तमिलनाडु में विरोध का रवैया उसकी नीति और नीयत दोनों पर सवाल खड़े करता है।

अशोक ने कहा कि यह केवल एक परियोजना से जुड़ा मामला नहीं है, बल्कि कर्नाटक के किसानों, राज्य की जल सुरक्षा और भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का वर्तमान रुख राज्य के हितों के साथ विश्वासघात के समान है। उन्होंने कहा कि कर्नाटक की जनता सब कुछ देख रही है और समय आने पर यह तय करेगी कि राज्य के हितों की रक्षा के लिए कौन खड़ा रहा और किसने राजनीतिक समीकरणों के लिए उन्हें दांव पर लगा दिया।