ज्योति ने पूरे किए 100 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले, हॉकी इंडिया ने दी बधाई

Posted on: 2026-06-16


ऑकलैंड, 16 जून । भारतीय महिला हॉकी टीम की मिडफील्ड खिलाड़ी ज्योति ने मंगलवार को न्यूज़ीलैंड में खेले गए एफआईएच महिला हॉकी नेशंस कप के मुकाबले में जापान के खिलाफ उतरते ही अपने करियर का 100वां अंतरराष्ट्रीय मुकाबला पूरा कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल कर ली। इस अवसर पर हॉकी इंडिया ने उन्हें बधाई देते हुए उनके योगदान की सराहना की।

हरियाणा की रहने वाली ज्योति ने वर्ष 2019 में मलेशिया के खिलाफ द्विपक्षीय टेस्ट श्रृंखला के दौरान अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया था। अपनी मेहनत, अनुशासन और मिडफील्ड में शांत एवं प्रभावी खेल के दम पर उन्होंने भारतीय टीम में अपनी अलग पहचान बनाई।

अपने अंतरराष्ट्रीय करियर के दौरान ज्योति कई बड़े टूर्नामेंटों में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। वह उस भारतीय टीम का हिस्सा रहीं जिसने वर्ष 2022 के बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य पदक जीता था। इसके अलावा महिला एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम में भी उनकी अहम भूमिका रही। उन्होंने प्रो लीग, एशिया कप और अन्य प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया है।

इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए ज्योति ने कहा,“भारत का प्रतिनिधित्व करना हमेशा मेरे जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा है। 100 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले पूरे करना मेरे लिए गर्व का क्षण है और मैं इसे हमेशा याद रखूंगी। मैं अपने परिवार, प्रशिक्षकों, साथी खिलाड़ियों और उन सभी लोगों का धन्यवाद करती हूं जिन्होंने इस यात्रा में मेरा साथ दिया।”

उन्होंने आगे कहा,“हर बार भारतीय जर्सी पहनकर मैदान पर उतरना मुझे देश के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देने की प्रेरणा देता है। इस सफर ने मुझे खिलाड़ी और व्यक्ति दोनों रूपों में मजबूत बनाया है। मैं आगे भी टीम की सफलता में योगदान देना चाहती हूं और कई और यादगार पल बनाना चाहती हूं।”

हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप तिर्की ने ज्योति को बधाई देते हुए कहा,“100 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले पूरे करना उनकी प्रतिबद्धता, निरंतरता और मेहनत का प्रमाण है। वह भारतीय महिला हॉकी टीम की महत्वपूर्ण खिलाड़ी रही हैं और हर अवसर पर देश के लिए समर्पण के साथ खेली हैं। हमें उनकी उपलब्धियों पर गर्व है।”

हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ सिंह ने कहा,“यह उपलब्धि दर्शाती है कि ज्योति ने लंबे समय तक लगातार मेहनत और धैर्य के साथ खेल को आगे बढ़ाया है। उनकी यात्रा युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है, जो भविष्य में भारत का प्रतिनिधित्व करने का सपना देखते हैं।”