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नई दिल्ली, 11 जून । तमिल सिनेमा के दिग्गज फिल्म निर्देशक और अभिनेता भारतीराजा का बुधवार को 84 वर्ष की आयु में चेन्नई में निधन हो गया। वह पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। उनके निधन से भारतीय फिल्म उद्योग में शोक की लहर दौड़ गई है और विभिन्न राजनीतिक एवं सांस्कृतिक हस्तियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को साेशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर अपने संदेश में भारतीराजा के निधन पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि उनका निधन अत्यंत दुखद है। वे सिनेमा जगत की एक महान हस्ती थे, जिनके कार्यों ने तमिल सिनेमा को नई दिशा दी। ग्रामीण जीवन के उनके जीवंत और यथार्थवादी चित्रण को सदैव याद किया जाएगा। उन्होंने शोक संतप्त परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि भारतीराजा अपनी दूरदर्शी कहानी कहने की कला और ग्रामीण जीवन के वास्तविक चित्रण के लिए जाने जाते थे। उन्होंने तमिल सिनेमा को विशिष्ट पहचान दिलाई और कई यादगार फिल्मों के माध्यम से भारतीय सिनेमा को समृद्ध किया। उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों के फिल्म निर्माताओं और कलाकारों को प्रेरित करता रहेगा।
केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि भारतीराजा के निधन से भारतीय सिनेमा के एक असाधारण अध्याय का समापन हो गया है। उन्होंने आम लोगों के जीवन, उनकी आकांक्षाओं और भावनाओं को बड़े पर्दे पर प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत कर कहानी कहने की कला को नई परिभाषा दी। उन्होंने दिवंगत निर्देशक के परिवार, सहयोगियों और प्रशंसकों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भारतीराजा के निधन पर शोक जताते हुए कहा कि उन्होंने अपनी फिल्मों के माध्यम से ग्रामीण जीवन और मानवीय संवेदनाओं को बेहद प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया। साथ ही उन्होंने फिल्म जगत को नई प्रतिभाएं देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उल्लेखनीय है कि, भारतीराजा का जन्म 17 जुलाई, 1941 को तमिलनाडु के थेनी जिले के अल्ली नगरम गांव में हुआ था। उनके माता-पिता का नाम पेरिया मायाथेवर और मीनाक्षी अम्मल था। उनका असली नाम चिन्नासामी था, लेकिन बाद में वह भारतीराजा के नाम से मशहूर हुए। उनकी पहली फिल्म '16 वायथिनिले' थी। उन्होंने लगभग 44 फिल्मों का निर्देश किया।