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दुबई, 11 जून । एमिरेट्स रोड पर रविवार को हुए सड़क हादसे में मारे गए सभी सात कर्मचारियों की पहचान कर ली गई है। नियोक्ता कंपनी ने पुष्टि की है कि मृतकों में छह भारतीय प्रवासी और एक श्रीलंका का रहने वाला युवा है। इनमें तीन युवक उत्तर प्रदेश और तीन तेलंगाना के हैं। नियोक्ता कंपनी का मुख्यालय शारजाह में है।
गल्फ न्यूज के अनुसार, नियोक्ता कंपनी बताया कि जान गंवाने वाले भारतीय प्रवासी कर्मचारियों में मार्कंडेय चौहान (39), अब्दुल रशीद (38) और मोहम्मद साकिब (31) उत्तर प्रदेश के हैं। सलीम सैयद (51), अब्दुल रफीक (37) और तिरुपति गोल्लापल्ली (23) तेलंगाना से हैं। सातवें मृतक सैमुअल रेंगासामी (34) श्रीलंका के उत्तरी प्रांत के रहने वाले थे।
कंपनी के प्रवक्ता ने बताया कि सात में से पांच कर्मचारी 30 से 40 साल की उम्र के बीच के थे। उनमें सबसे कम उम्र के तिरुपति गोल्लापल्ली पिछले ही महीने 23 साल के हुए थे। सबसे उम्रदराज सलीम सैयद का जन्म भी दस्तावेजों के अनुसार मई में हुआ था। मोहम्मद साकिब अपने 32वें जन्मदिन से बस कुछ ही सप्ताह दूर थे। तिरुपति और मोहम्मद को छोड़कर बाकी सभी शादीशुदा थे और उनके परिवार घर पर थे।
प्रवक्ता ने बताया कि यह सभी युवा एक निर्माण स्थल पर हेल्पर से लेकर कुशल विशेषज्ञ तक की भूमिकाओं में काम करते थे और रविवार को शारजाह में अपने आवास पर लौट रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। जिस मिनीबस में वे यात्रा कर रहे थे, वह दुबई-शारजाह सीमा के पास एमिरेट्स रोड के बीचों-बीच खड़े एक ट्रक से टकरा गई।
कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि सभी मृतकों और घायलों के परिवारों को सूचित कर दिया गया है और दुबई पुलिस भी उनके संपर्क में है। हादसे में घायल नौ लोगों में से चार का बुधवार रात तक दो अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा था। उनमें से तीन इंटेंसिव केयर में हैं। दो की हालत गंभीर है। तीसरा खतरे से बाहर बताया जा रहा है। चौथे घायल कर्मचारी की हालत स्थिर है और उसका इलाज जनरल वार्ड में हो रहा है। बाकी पांच घायल कर्मचारियों को पहले ही छुट्टी दे दी गई थी।
प्रवक्ता के मुताबिक, कंपनी ने राहत फंड घोषित किया है। जान गंवाने वाले हर परिवार को 1,00,000 दिरहम मिलेंगे। घायल बचे नौ लोगों के लिए उनकी मेडिकल और ठीक होने की जरूरतों के आधार पर 1,80,000 दिरहम अलग रखे गए हैं। परिवार के सदस्यों की यात्रा और रहने की व्यवस्था के लिए 70,000 दिरहम और प्रभावित परिवारों के बच्चों की पढ़ाई में मदद के लिए 50,000 दिरहम तय किए गए हैं।