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नई दिल्ली, 08 जून । साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के बीच शाहदरा जिला पुलिस ने वरिष्ठ नागरिकों को ऑनलाइन ठगी से बचाने के लिए सोमवार को मेगा साइबर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न इलाकों से करीब 250 वरिष्ठ नागरिकों ने हिस्सा लिया। पुलिस अधिकारियों और साइबर विशेषज्ञों ने उन्हें डिजिटल गिरफ्तारी, फर्जी बैंक कॉल, ओटीपी फ्रॉड, यूपीआई ठगी और सोशल मीडिया धोखाधड़ी जैसे नए साइबर अपराधों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम में विशेष पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था, जोन-1) देवेश चंद्र श्रीवास्तव, पूर्वी रेंज के संयुक्त पुलिस आयुक्त अजीत कुमार सिंगला और शाहदरा के पुलिस उपायुक्त राजेंद्र प्रसाद मीणा मौजूद रहे। अधिकारियों ने कहा कि साइबर अपराधी लोगों के भरोसे, डर और जागरूकता की कमी का फायदा उठाकर ठगी कर रहे हैं, इसलिए सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।
नुक्कड़ नाटक के जरिए समझाए साइबर अपराध के तरीके
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण साइबर अपराध पर आधारित नुक्कड़ नाटक रहा। कलाकारों ने डिजिटल अरेस्ट, फर्जी पुलिस कॉल, ओटीपी ठगी, निवेश घोटाले, सोशल मीडिया पर फर्जी पहचान बनाकर ठगी और यूपीआई फ्रॉड जैसी घटनाओं का मंचन किया। इसके माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों को बताया गया कि अपराधी किस तरह लोगों को झांसे में लेकर उनके बैंक खातों से रकम उड़ा देते हैं।
इन साइबर ठगी के तरीकों से किया आगाह
पुलिस ने वरिष्ठ नागरिकों को डिजिटल अरेस्ट, फर्जी पुलिस व बैंक अधिकारियों के फोन, केवाईसी अपडेट के नाम पर धोखाधड़ी, ऑनलाइन निवेश घोटालों, कॉल मर्जिंग स्कैम, जीमेल और सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग, फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल और यूपीआई फ्रॉड के बारे में जानकारी दी।
पुलिस ने सलाह दी कि किसी भी परिस्थिति में ओटीपी, पासवर्ड, एटीएम पिन, सीवीवी नंबर और इंटरनेट बैंकिंग संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा न करें। साथ ही अज्ञात लिंक पर क्लिक करने और अनजान लोगों के कहने पर मोबाइल में कोई एप डाउनलोड करने से बचें।
1930 पर तुरंत करें शिकायत
कार्यक्रम में बताया गया कि साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या [राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल](https://www.cybercrime.gov.in?utm_source=chatgpt.com) पर शिकायत दर्ज करें। अधिकारियों ने कहा कि समय रहते शिकायत करने पर ठगी की रकम को फ्रीज कराने और अपराधियों तक पहुंचने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
"सोच-समझकर क्लिक करें"
कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि किसी भी धमकी भरे फोन कॉल से घबराएं नहीं, पैसे मांगने वाले हर संदेश की पुष्टि करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें। उन्होंने कहा कि जागरूक नागरिक ही साइबर अपराधियों के खिलाफ सबसे मजबूत सुरक्षा कवच हैं।