Posted on:
देहरादून, 29 मई । भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी को लेकर संगठनात्मक और राजनीतिक स्तर पर व्यापक रणनीति बनानी शुरू कर दी है। इसी क्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने शुक्रवार को अपने तीन दिवसीय उत्तराखंड प्रवास के दूसरे दिन सांसदों और विधायकों के साथ लंबी बैठक कर चुनाव की तैयारियों, बूथ प्रबंधन और सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने की रणनीति पर मंथन किया।
शुक्रवार को शहर के राजपुर रोड स्थित एक होटल में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने सांसद विधायकों के बैठक के पश्चात पत्रकारों काे बताया कि बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष और राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने चुनाव की तैयारियाें और रणनीति पर विस्तार से चर्चा की है। उन्हाेंने बतायाकि बैठक में भाजपा आगामी चुनाव में बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत कर 'माइक्रो मैनेजमेंट मॉडल' पर काम करेगी। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्षों के विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और राज्य सरकार की उपलब्धियों को गांव-गांव तक पहुंचाना पार्टी के प्रत्येक जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए सांसदों और विधायकों को निर्देश दिए गए कि वे केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं और अपने कार्यकाल की उपलब्धियों को समाहित करते हुए एक विस्तृत प्रचार सामग्री तैयार करें। इस सामग्री को ग्राम स्तर तक पहुंचाकर सीधे मतदाताओं से संपर्क स्थापित किया जाएगा। पंपलेट, पत्रिका और जनसंपर्क अभियान के माध्यम से भाजपा ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी पकड़ और मजबूत करने की तैयारी में है। बैठक में संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि चुनावी सफलता का आधार मजबूत बूथ संगठन होता है। जिन बूथों पर अभी तक टोली या बूथ समितियों का गठन नहीं हुआ है, वहां विधायक और मंडल संगठन संयुक्त रूप से अभियान चलाकर संगठनात्मक ढांचे को पूर्ण करेंगे।
भाजपा नेतृत्व ने उन 23 विधानसभा सीटों पर विशेष रणनीति बनाने का निर्णय लिया, जहां पार्टी पिछला चुनाव हार गई थी। इन सीटों की जिम्मेदारी लोकसभा और राज्यसभा सांसदों को सौंपी जाएगी। साथ ही दो हजार से कम मतों के अंतर से जीती गई सीटों पर भी विशेष निगरानी रखने और वहां लगातार संगठनात्मक सक्रियता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में प्रत्येक ग्राम सभा में कम से कम 100 बुद्धिजीवियों की सूची तैयार करने का भी लक्ष्य रखा गया। पार्टी का मानना है कि सामाजिक रूप से प्रभावशाली वर्गों के माध्यम से सरकार की योजनाओं और संगठन की विचारधारा को अधिक प्रभावी तरीके से जनता तक पहुंचाया जा सकता है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि पार्टी का पूरा फोकस बूथ प्रबंधन, संगठन विस्तार और जनसंपर्क अभियान को मजबूत करने पर है। उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में लगातार तीसरी बार जीत सुनिश्चित करने के लिए संगठन अभी से पूरी ताकत के साथ मैदान में उतर चुका है।
राजनीतिक दृष्टि से भाजपा का यह मंथन केवल संगठनात्मक बैठक नहीं, बल्कि आगामी विधानसभा चुनावों के लिए रणनीतिक खाका माना जा रहा है। पार्टी नेतृत्व बूथ स्तर की मजबूती, कमजोर सीटों पर फोकस और सरकार की उपलब्धियों के प्रचार के जरिए चुनावी बढ़त बनाए रखने की दिशा में सक्रिय दिखाई दे रहा है।