नेपाल सरकार ने बिना संशोधन ही संवैधानिक परिषद से संबंधित अध्यादेश दोबारा राष्ट्रपति के पास भेजा

Posted on: 2026-05-04


काठमांडू, 04 मई । नेपाल सरकार ने रविवार को वापस किए गए संवैधानिक परिषद से संबंधित अध्यादेश को एक बार फिर स्वीकृति के लिए राष्ट्रपति के समक्ष भेज दिया है।

सरकार के प्रवक्ता सस्मित पोखरेल ने बताया कि मंत्रिपरिषद की बैठक में पुनर्विचार के लिए लौटाए गए अध्यादेश को दोबारा राष्ट्रपति को भेजने का निर्णय लिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अध्यादेश बिना किसी बदलाव के ज्यों का त्यों राष्ट्रपति को पुनः भेजा गया है। इसमें कोई संशोधन नहीं किया गया है।

इससे पहले राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेल ने उक्त अध्यादेश को पुनर्विचार के लिए सरकार को वापस कर दिया था। राष्ट्रपति ने बैठक और सिफारिश से जुड़े गणपूरक (कोरम) प्रावधान सहित अन्य मुद्दों पर अपनी पूर्व स्थिति को कायम रखते हुए यह निर्णय लिया था।

सरकार का कहना है कि संवैधानिक निकायों में नियुक्ति प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से इस अध्यादेश में बैठक और सिफारिश प्रक्रिया में सुधार के प्रावधान शामिल किए गए हैं।

अध्यादेश में 6 सदस्यीय संवैधानिक परिषद में केवल 3 सदस्यों के निर्णय लिए जाने की व्यवस्था रखी गई है। हालांकि, राष्ट्रपति का मत है कि संविधान में निर्धारित बहुमत आधारित निर्णय प्रणाली को कानून के माध्यम से कमजोर नहीं किया जाना चाहिए।