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धमतरी, 23 अप्रैल । भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के प्रतिष्ठित “युविका-2026” कार्यक्रम में चयनित होकर मयंक साहू ने जिले का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से न केवल परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र में गर्व और उत्साह का माहौल है।
मयंक साहू वर्तमान में केंद्रीय स्कूल लोहरसी धमतरी में कक्षा दसवीं के छात्र हैं। देशभर से चुनिंदा मेधावी विद्यार्थियों के बीच उनका चयन होना उनकी प्रतिभा, मेहनत और लगन का प्रमाण है। यह सफलता इस बात का संकेत भी है कि छोटे शहरों और कस्बों में भी बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने की क्षमता मौजूद है।
युविका कार्यक्रम के तहत मयंक को इसरो के विभिन्न केंद्रों में प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिलेगा, जहां वे रॉकेट तकनीक, उपग्रहों की कार्यप्रणाली और अंतरिक्ष विज्ञान की बारीकियों को करीब से समझेंगे। यह अनुभव उनके भविष्य को नई दिशा देने के साथ ही उन्हें विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा। इस उपलब्धि पर विधायक ओंकार साहू ने गुरुवार को मयंक के निवास पहुंचकर उनका सम्मान किया और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि मयंक की सफलता ने पूरे धमतरी जिले को गौरवान्वित किया है और अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी है। स्वजनों और क्षेत्रवासियों ने भी मयंक को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। सभी ने विश्वास जताया कि वे विज्ञान और राष्ट्र सेवा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को हासिल करेंगे तथा देश का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन करेंगे।
इसरो के केंद्रों में विशेषज्ञों से रॉकेट तकनीक सीखेंगी नेहा:
इसी तरह से कुरुद की होनहार छात्रा नेहा साहू का भी चयन भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के प्रतिष्ठित युविका-2026 कार्यक्रम के लिए हुआ है। पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय की छात्रा नेहा साहू का चयन उनकी पूर्व कक्षाओं की उपलब्धियां के आधार पर हुआ है। उनके चयन से विद्यालय प्रबंधन तथा स्वजनों में काफी उत्साह का माहौल है। नेहा अब इसरो के केंद्रों में विशेषज्ञों से रॉकेट तकनीक, उपग्रहों की कार्यप्रणाली और अंतरिक्ष विज्ञान की बारीकियां सीखेंगी। विज्ञान शिक्षक गणेश राम कावड़े और उनकी पूरी टीम रेणु त्रिपाठी, हिमांशु त्रिपाठी, नेम सिंह के मार्गदर्शन और प्राचार्या ग्लोरिया मिंज के नेतृत्व ने नेहा के सपनों को पंख मिला। नेहा की यह उपलब्धि कुरुद के अन्य विद्यार्थियों के लिए एक लाइटहाउस की तरह है। विशेष बात यह है कि इस वर्ष केंद्रीय विद्यालय संगठन रायपुर रीजन से मात्र दो विद्यार्थियों का चयन युविका कार्यक्रम के लिए हुआ है। नेहा ने कहा कि उसे बचपन से ही तारों की दुनिया आकर्षित करती थी।
क्या है युविका कार्यक्रम
इसरो का युविका (युवा वैज्ञानिक कार्यक्रम) स्कूल के छात्रों के लिए एक वार्षिक, 2-सप्ताह का आवासीय ग्रीष्मकालीन कार्यक्रम है। इसका उद्देश्य अंतरिक्ष तकनीक, विज्ञान और अनुप्रयोगों के प्रति युवा दिमागों में रुचि जगाना है, जिसमें वे इसरो वैज्ञानिकों के साथ सीखते हैं और लैब्स का दौरा करते हैं। यह कार्यक्रम पूरी तरह से निशुल्क है, जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को प्राथमिकता दी जाती है
उद्देश्य: "जय विज्ञान, जय अनुसंधान" के अनुरूप युवाओं को विज्ञान और इंजीनियरिंग) के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रेरित करना। यह एक दो सप्ताह का आवासीय कार्यक्रम है, जो आम तौर पर गर्मी की छुट्टियों में आयोजित किया जाता है। इसमें कक्षा में व्याख्यान, प्रयोग, कैनसैट प्रयोग, रोबोटिक किट, मॉडल रॉकेट्री, और इसरो के केंद्रों (जैसे विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र) का दौरा शामिल है। छात्रों का चयन पिछली कक्षा के अंक, खेल उपलब्धियों, और विज्ञान मेलों में भागीदारी के आधार पर होता है।