इंदौर में ब्रिक्स कृषि कार्य समूह का अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आज से, 20 देशों के प्रतिनिधि होंगे शामिल

Posted on: 2026-06-09


भोपाल, 09 जून । मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में केन्द्र सरकार द्वारा ब्रिक्स शिखर सम्मेलन-2026 के अंतर्गत कृषि कार्य समूह का महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आज मंगलवार से शुरू हो रहा है। यहां ग्रेंड शेरेटन होटल में 13 जून तक चलने वाले इस उच्च स्तरीय सम्मेलन में 20 देशों के कृषि मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी, कृषि वैज्ञानिक, नीति निर्धारक एवं विशेषज्ञ शामिल होंगे।

केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि सम्मेलन में शुरुआती तीन दिन यानी 9 से 11 जून तक कृषि कार्य समूह की बैठकें होंगी और इसके बाद 12 से 13 जून को मुख्य कृषि मंत्रियों की बैठक का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान खाद्य हानि को कम करने, पशुपालन, मत्स्य पालन और किसानों के अधिकारों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी गंभीर मंथन होगा।

केन्द्रीय मंत्री चौहान ने बताया कि यह सम्मेलन भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के कृषि क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आयोजित यह सम्मेलन खाद्य सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन, कृषि व्यापार और किसान कल्याण जैसे विषयों पर नई दिशा तय करेगा। सम्मेलन में ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, यूगांडा, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, संयुक्त अरब अमीरात, कोलम्बिया, इंडोनेशिया सहित कुल 20 देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

उन्होंने बताया कि ब्रिक्स की शुरुआत 2006 में हुई थी और आज 11 सदस्य देशों व 10 साझेदार देशों के साथ यह विश्व के सबसे प्रभावशाली समूहों में से एक बन गया है। भारत की अध्यक्षता में अब तक ब्रिक्स कृषि कार्य समूह की लगभग आठ बैठकें हो चुकी हैं। इन बैठकों में खाद्य सुरक्षा, मत्स्य पालन, पशुपालन सहित कृषि से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा हुई है।

उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश के लिए यह अत्यंत गौरव और प्रसन्नता का विषय है कि इंदौर में ब्रिक्स देशों के एग्रीकल्चर वर्किंग ग्रुप एवं कृषि मंत्रियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हो रही है। वैश्विक दृष्टिकोण से यह समूह बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि दुनिया की लगभग 42 प्रतिशत कृषि भूमि, 68 प्रतिशत कृषि जोतें और करीब 42 प्रतिशत खाद्य उत्पादन इन्हीं ब्रिक्स देशों के पास है। इस मंच पर होने वाला सहयोग पूरी दुनिया की खाद्य सुरक्षा को प्रभावित करता है।

सम्मेलन में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जाएगी, जिनमें वैश्विक खाद्य सुरक्षा और पोषण, जलवायु, स्मार्ट कृषि, कृषि व्यापार और आपूर्ति शृंखला, डिजिटल कृषि और प्रिसिजन फार्मिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और रोबोटिक्स, किसान कल्याण और अनुसंधान सहयोग शामिल हैं। यह सम्मेलन केवल औपचारिक बैठक नहीं होगा, बल्कि अतिथियों को इंदौर की स्वच्छता, संस्कृति, मालवा की मेहमाननवाजी और कृषि विविधता से भी परिचित कराया जाएगा।

कृषि सम्मेलन में शामिल होने के लिए विदेशी मेहमान सोमवार को इंदौर पहुंच गए थे। राज्य शासन द्वारा मेहमानों का स्वागत पुष्पवर्षा से किया गया। विदेशी मेहमानों ने सोमवार की रात इंदौर के प्रसिद्ध 56 दुकान में मालवा के स्वादिष्ट व्यंजनों का लुत्फ उठाया। ब्राजील, इथोपिया, इण्डोनेशिया, दक्षिण अफ्रिका आदि देशों से आए मेहमानों ने 56 दुकान में मालवी व्यंजन शिंकजी, दही बड़ा, शाही पोहा, कचौड़ी, पेटिस, साबूदाने की खिचड़ी आदि व्यंजनों का स्वाद चखा। व्यंजनों में हाईजीन का विशेष ध्यान रखा गया।